बेगूसराय में अभी घट रहा गंगा का जलस्तर, 2 दिन बाद फिर बढ़ सकता है पानी; 8 प्रखंडों में बाढ़ का असर
बिहार के बेगूसराय में गंगा नदी के जलस्तर में फिलहाल कमी दर्ज की जा रही है, जिससे प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक रहने की उम्मीद नहीं है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रयागराज, वाराणसी और बक्सर में गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा है। इसका असर अगले एक से दो दिनों में बेगूसराय में भी दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
हाथीदह में पिछले दो दिनों के दौरान गंगा के जलस्तर में करीब 30 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। रविवार शाम नदी का जलस्तर 42.23 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि यह अब भी खतरे के निशान 41.76 मीटर से करीब 47 सेंटीमीटर ऊपर है। ऐसे में पानी घटने के बावजूद तटवर्ती क्षेत्रों में स्थिति सामान्य नहीं हुई है।
8 प्रखंडों के दियारा इलाके प्रभावित
गंगा के जलस्तर में कमी के बावजूद बेगूसराय के कई इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है। बछवाड़ा, तेघड़ा, बरौनी, बेगूसराय, मटिहानी, शाम्हो, बलिया और साहेबपुर कमाल प्रखंड के दियारा क्षेत्र अभी भी पानी से प्रभावित हैं। कई जगह खेतों और सड़कों पर बाढ़ का पानी जमा है।
बाढ़ के कारण इन इलाकों में हजारों एकड़ खरीफ फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। किसानों को फसल खराब होने से भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। जिला प्रशासन की ओर से फसल क्षति का आकलन कराया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
दो दिन बाद फिर बढ़ सकता है जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, फिलहाल बेगूसराय में गंगा का पानी घट रहा है, लेकिन ऊपर की ओर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी चिंता बढ़ा रही है। प्रयागराज और वाराणसी में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। बक्सर में भी पानी बढ़ने का असर आगे की ओर दिखाई दे सकता है।
ऐसे में आशंका है कि करीब दो दिनों के बाद बेगूसराय में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। यदि पानी दोबारा तेजी से बढ़ता है तो पहले से प्रभावित दियारा क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। जिले के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने बड़ी संख्या में नाव, मोटरबोट, राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की है। मेडिकल टीमों और दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
फिलहाल पानी घटने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन ऊपर के इलाकों में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता फिर बढ़ा दी है। ऐसे में तटवर्ती गांवों के लोगों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।

