अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग तेज: दुलारचंद यादव हत्याकांड पर बढ़ा विवाद, छोटे सरकार के पोस्ट पर JDU MLC का पलटवार
बिहार की सियासत में मोकामा के विधायक अनंत सिंह और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इसी बीच अनंत सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट साझा की गई है, जिसने राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।
पोस्ट में लिखा गया है, 'गरीब-गुरबों पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार।' इस संदेश के जरिए अनंत सिंह की ओर से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के मुद्दे को उठाया गया है। वहीं, जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर पलटवार करते हुए उन्हें 'अस्त्रहीन आदमी' कह दिया। दोनों नेताओं के बयानों के बाद बिहार की राजनीति में इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अनंत सिंह ने पोस्ट में लिखा- गरीब-गुरबों पर अत्याचार नहीं सहेंगे
अनंत सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा की गई पोस्ट में लिखा गया, 'गरीब-गुरबों पर अत्याचार नहीं सहेंगे छोटे सरकार।' इस पोस्ट को दुलारचंद यादव हत्याकांड और उससे जुड़े राजनीतिक विवाद के बीच देखा जा रहा है। हालांकि, पोस्ट में किसी व्यक्ति का नाम लेकर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया गया है।
इससे पहले अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में नीरज कुमार पर उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में फंसाने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद नीरज कुमार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले गए। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर दुलारचंद यादव की हत्या करवाने का भी आरोप लगाया था। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नीरज कुमार ने कहा- 'अस्त्रहीन आदमी से बात करना जरूरी है क्या?'
अनंत सिंह के आरोपों पर जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अनंत सिंह को 'अस्त्रहीन आदमी' बताते हुए सवाल किया कि ऐसे व्यक्ति से बात करना जरूरी है क्या? नीरज कुमार ने दुलारचंद यादव हत्याकांड से खुद को अलग बताते हुए कहा कि इस मामले में उनका कोई लेना-देना नहीं है।
इससे पहले भी नीरज कुमार ने कहा था कि दुलारचंद यादव के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और अदालत की कार्रवाई से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करने की बात कही थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी अनंत सिंह की मुश्किलें
दरअसल, दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी थी। अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद अनंत सिंह ने कहा था कि वह सरेंडर करेंगे और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने दोबारा जमानत मिलने की उम्मीद भी जताई थी।
दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
विधान परिषद चुनाव के बाद भी जारी है विवाद
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद की एक बड़ी वजह पटना स्नातक सीट का विधान परिषद चुनाव भी रहा है। अनंत सिंह ने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध करते हुए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसके बाद जेडीयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। नीरज कुमार इस चुनाव में जीत दर्ज करने में सफल रहे।
फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है। सोशल मीडिया पोस्ट और एक-दूसरे पर लगाए जा रहे आरोपों ने मोकामा की राजनीति में इस विवाद को फिर से चर्चा का विषय बना दिया है।

