केंद्रीय बजट में बिहार के जलमार्ग विकास को बड़ा बढ़ावा, पटना में शिप रिपेयर सेंटर और क्रूज टर्मिनल का निर्माण
केंद्रीय बजट के प्रावधानों से बिहार को जलमार्ग विकास में महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है। अगले पांच वर्षों में देश में विकसित होने वाले 20 प्रमुख जलमार्गों में बिहार की छह प्रमुख नदियाँ शामिल हैं, जो राज्य के आर्थिक और पर्यटनिक विकास में अहम भूमिका निभाएँगी।
पटना में 300 करोड़ रुपये की लागत से शिप रिपेयर सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, पहलवान घाट पर विश्व स्तरीय क्रूज टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। ये दोनों परियोजनाएँ न केवल जलमार्गों के संचालन को सुगम बनाएंगी, बल्कि राज्य में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलमार्गों के माध्यम से माल और यात्रियों का परिवहन सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होगा। सड़क और रेल की तुलना में जलमार्गों से माल ढुलाई में समय की बचत होगी और परिवहन लागत भी कम होगी। इसके अलावा, पटना जैसे शहर में क्रूज टर्मिनल बनने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटक आकर्षित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जलमार्ग विकास के तहत छह प्रमुख नदियाँ—गंगा, कोसी, कमला, बूढ़ी गंडक, बूढ़ी कोसी और माछलीगंज—को आधुनिक तकनीक और उचित इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जाएगा। इन नदियों पर घाट, डॉक, और शिपिंग सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे न केवल राज्य के अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुँच आसान होगी, बल्कि अन्य राज्यों और देशों से भी व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पटना में स्थापित शिप रिपेयर सेंटर जहाजों और छोटे क्रूजों की मरम्मत के लिए आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करेगा। इससे व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूज टर्मिनल बनने के बाद पटना और उसके आसपास के इलाके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।
बिहार सरकार के अधिकारियों ने कहा कि जलमार्ग विकास परियोजना राज्य के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ लेकर आएगी। उन्होंने बताया कि जलमार्गों के निर्माण से परिवहन लागत कम होगी, पर्यावरण की रक्षा होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थायी आधार मिलेगा। इसके अलावा, ग्रामीण और नदी किनारे के क्षेत्रों में रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर खुलेंगे।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूज टर्मिनल के साथ-साथ नदियों के किनारे पर्यटन स्थलों का विकास भी होगा। यह कदम न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और हस्तशिल्प के लिए भी नए अवसर प्रदान करेगा।
केंद्रीय बजट में जलमार्गों के लिए किए गए निवेश से बिहार के विकास की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। पटना और अन्य जिलों में आने वाले इन परियोजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समय और लागत की बचत भी संभव होगी।
इस प्रकार, केंद्रीय बजट के जलमार्ग विकास के प्रावधान बिहार के लिए एक नई आर्थिक और पर्यटनिक दिशा खोल रहे हैं, जो राज्य को भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ दिला सकते हैं।

