भोलानाथ फ्लाईओवर का धीमा निर्माण बना लोगों की परेशानी का कारण, 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित
शहर के भोलानाथ फ्लाईओवर का धीमा निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। निर्माण कार्य में देरी के कारण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे रोजाना हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां पहले केवल 100 मीटर की दूरी तय करने में कुछ मिनट लगते थे, अब उसी दूरी के लिए उन्हें करीब 2 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन और आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
फ्लाईओवर निर्माण क्षेत्र में जलजमाव, गंदगी और टूटी-फूटी सड़कों की स्थिति ने हालात और खराब कर दिए हैं। बरसात या हल्की बारिश के बाद यहां की स्थिति और भी दयनीय हो जाती है, जिससे पैदल चलना और वाहन चलाना दोनों ही मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से लगभग 2 लाख की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। रोजमर्रा के कामकाज, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र और दफ्तर जाने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
व्यापारियों का भी कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है। कई दुकानदारों ने प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फ्लाईओवर का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन तकनीकी कारणों और निर्माण संबंधी चुनौतियों के चलते काम में देरी हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इधर, जनता में बढ़ती नाराजगी को देखते हुए लोग लगातार समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल, भोलानाथ फ्लाईओवर का अधूरा निर्माण भागलपुर शहर के लिए एक बड़ी यातायात समस्या बन चुका है, जिससे आम जनता का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

