पटना में मानसून के साथ बढ़ा संक्रमण का खतरा, कंकड़बाग-बांकीपुर समेत कई इलाके निगरानी में
मानसून की दस्तक के साथ ही संक्रमण फैलने की रफ्तार बढ़ने लगी है। बारिश और जलजमाव के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। राजधानी पटना के कंकड़बाग, बांकीपुर समेत कई इलाकों को निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल जून तक संक्रमण के सिर्फ 23 मरीज सामने आए थे, लेकिन मानसून के सक्रिय होने के बाद मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
कई इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी तेज कर दी है।
कंकड़बाग, बांकीपुर समेत शहर के कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने और संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
जून तक मिले थे 23 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस साल जून महीने तक संक्रमण के 23 मरीजों की पुष्टि हुई थी। हालांकि, मानसून के दौरान मौसम में बदलाव, नमी और जगह-जगह पानी जमा होने के कारण संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती है।
विभाग ने लोगों से साफ-सफाई रखने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
अस्पतालों को भी अलर्ट रहने के निर्देश
मानसून को देखते हुए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी तैयार रहने को कहा गया है। संदिग्ध मरीजों की जांच और इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि समय पर पहचान और सावधानी बरतने से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। लोगों को बुखार, शरीर में दर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।

