बिहार के कटिहार जिले के डंडघोरा पुलिस थाने पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। मामला शराब तस्करी के आरोपी सूरज कुमार से जुड़ा है, जिसे पुलिस ने देर रात रायपुर पंचायत के नवादा गांव से गिरफ्तार किया था। आज सूरज को जेल भेजा जाना था, लेकिन सुबह-सुबह ही सैकड़ों ग्रामीण और सूरज के परिजन थाने पहुंच गए और आरोपी को हवालात से छुड़ाने का प्रयास करने लगे। हमले के दौरान थाना परिसर में जमकर हंगामा हुआ, पथराव और तोड़फोड़ की गई।
इस हिंसक झड़प में थाना प्रभारी ओम प्रकाश समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को आत्मरक्षा में पांच राउंड हवा में गोलियां चलानी पड़ीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और पांच उपद्रवियों को हिरासत में लिया। जबकि डंडाघोरा थाना परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। वरिष्ठ जिला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करना शुरू किया। पूरे इलाके में तनाव का माहौल था; शराब तस्कर के परिजनों और ग्रामीणों के हमले के बाद पुलिस पूरी तरह से सक्रिय हो गई।
पुलिस नवादा गांव पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी। आठ थानों की पुलिस भारी संख्या में पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। थाने पर हमले के बाद थाना प्रभारी ओम प्रकाश ने पूरी घटना बताते हुए कहा कि अचानक शराब तस्कर के परिजनों और ग्रामीणों ने तस्कर को छुड़ाने के लिए पुलिस पर हमला कर दिया. पुलिस के पास सीसीटीवी से मिले सबूत भी हैं।
शराब तस्कर को बचाने पहुंचे ग्रामीण
फिलहाल आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस कर्मियों के साथ हुई इस घटना के बाद कटिहार एसपी वैभव शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि इस मामले में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। रायपुर पंचायत के नवादा गांव के मुखिया आलोक कुमार चौहान के नेतृत्व में उपद्रवियों ने थाने में महत्वपूर्ण सामानों की भी तोड़फोड़ की है। इस मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है।

