भवन निर्माण निगम का GM करोड़ों की संपत्ति के साथ जांच के घेरे में, 21 साल की नौकरी में 4.70 करोड़ की प्रॉपर्टी का दावा
भवन निर्माण निगम के एक जनरल मैनेजर (GM) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि करीब 21 साल की नौकरी के दौरान अधिकारी ने 4.70 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। जांच में पटना से लेकर नोएडा तक फ्लैट और अन्य संपत्तियों का पता चलने की बात कही जा रही है। अधिकारी पर नकद लेनदेन करने के भी आरोप हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद अधिकारी की संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि अधिकारी की घोषित आय और कथित तौर पर मिली संपत्ति के बीच कितना अंतर है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
बताया जा रहा है कि अधिकारी ने भवन निर्माण निगम में करीब 21 वर्षों तक नौकरी की। इस दौरान उनकी आय के मुकाबले करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित किए जाने का आरोप है। जांच में कुल 4.70 करोड़ रुपये की संपत्ति का उल्लेख किया गया है। इसमें अलग-अलग स्थानों पर खरीदी गई संपत्तियां भी शामिल बताई जा रही हैं।
जांच के दौरान पटना और नोएडा में फ्लैट होने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। इसके अलावा अन्य चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए रकम का स्रोत क्या था।
अधिकारी पर नकद में लेनदेन करने का भी आरोप है। जांच एजेंसी कथित नकद लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। बैंक खातों, संपत्ति के कागजात और आय से जुड़े रिकॉर्ड को मिलाकर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी पहले अधिकारी की वैध आय, खर्च और संपत्तियों का आकलन करती है। इसके बाद यह देखा जाता है कि अर्जित संपत्ति घोषित और वैध आय के अनुपात में है या नहीं। इस मामले में भी जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिलहाल अधिकारी की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच जारी है। 4.70 करोड़ रुपये की संपत्ति और नकद लेनदेन से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अधिकारी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

