जिंदा बेटी की घर वालों ने निकाली अर्थी, पुतला बनाकर पिता ने मुखाग्नि दी; बेटी ने बॉयफ्रेंड से भागकर की है शादी
मैंने बेटी को बढ़ाया-लिखाया, बड़ा किया और वो हमलोगों का सिर झुका कर चली गई। भगवान करे ऐसी बेटी किसी को नहीं मिले। किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे।’ बेटी को लेकर एक पिता के ये शब्द उसके गहरे दुख और गुस्से को बयां करते हैं। किसी घटना के बाद सामने आए इस बयान में पिता ने अपनी बेटी को लेकर बेहद भावुक प्रतिक्रिया दी।
परिवार के लिए बेटी को पालना-पोसना और उसे पढ़ा-लिखाकर अपने पैरों पर खड़ा करना माता-पिता की लंबी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में जब बेटी से जुड़ी कोई ऐसी घटना सामने आती है, जिससे परिवार को सामाजिक और भावनात्मक तौर पर गहरा आघात पहुंचे, तो परिजनों की प्रतिक्रिया बेहद तीखी हो सकती है।
पिता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने बेटी को बचपन से लेकर बड़े होने तक हर संभव सुविधा और सहयोग दिया। उसे पढ़ाया-लिखाया और जीवन में आगे बढ़ाने की कोशिश की। लेकिन अब जिस परिस्थिति में बेटी का नाम सामने आया है, उससे परिवार खुद को बेहद आहत महसूस कर रहा है।
उनके बयान में बेटी के प्रति नाराजगी के साथ-साथ परिवार की सामाजिक स्थिति को लेकर चिंता भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद परिवार को लोगों के सामने जाने में परेशानी महसूस हो रही है। पिता ने भावुक होकर यहां तक कह दिया कि भगवान ऐसी बेटी किसी को न दे।
हालांकि किसी भी पारिवारिक विवाद या आपराधिक मामले में आरोपों और बयानों को संबंधित पक्ष के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। घटना की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।
पिता के इस बयान के बाद मामले को लेकर परिवार के भीतर चल रहे तनाव और भावनात्मक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि आखिर ऐसी स्थिति किन परिस्थितियों में बनी और पूरे मामले की वास्तविक वजह क्या है।

