बिहार की राजनीति में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनकी हत्या करवाई जा सकती है।
तेज प्रताप ने इस बयान के दौरान पांच लोगों के नाम भी सार्वजनिक किए, जिन्हें उन्होंने अपनी स्पीच और राजनीतिक गतिविधियों में अक्सर निशाना बनाया है। उनका कहना था कि यह खतरा उन्हें उनके राजनीतिक और पारिवारिक विरोधियों से है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तेज प्रताप का यह बयान बिहार की राजनीति में सस्पेंस और हलचल पैदा कर सकता है। वहीं, इस बयान ने मीडिया और सोशल मीडिया पर भी चर्चा का तूल पकड़ लिया है।
जनशक्ति जनता दल के नेताओं ने तेज प्रताप का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में सुरक्षा और उचित कानूनी सहायता मिलनी चाहिए। वहीं विपक्षी दलों ने बयान पर प्रतिक्रिया देने से फिलहाल परहेज़ किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना सकते हैं और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती पेश करते हैं।
इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। तेज प्रताप यादव की चेतावनी ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की सियासत में अब परिवार और राजनीतिक विरोधियों के बीच जटिल तनाव और बढ़ सकता है।

