तेज प्रताप यादव ने बढ़ाई सुरक्षा की मांग, बोले- पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने से सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं ले पा रहा हिस्सा
बिहार की राजनीति में सक्रिय जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने बिहार और केंद्र सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। तेज प्रताप ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने के कारण वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहले की तरह खुलकर शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने के कारण उन्हें लगातार अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता है। लेकिन मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के चलते उन्हें कई बार अपनी गतिविधियों को सीमित करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि वह बिना किसी डर के जनता के बीच जाकर अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखना चाहते हैं।
सोशल मीडिया पर रखी अपनी बात
तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सुरक्षा से जुड़ी अपनी चिंता साझा की। उन्होंने बताया कि सुरक्षा को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने की वजह से सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने बिहार सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से भी मामले में ध्यान देने की अपील की है। तेज प्रताप के मुताबिक, सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।
सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं ले पा रहे खुलकर हिस्सा
तेज प्रताप यादव लगातार राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं। विभिन्न मुद्दों पर वह जनता के बीच अपनी बात रखते हैं और पार्टी से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेते हैं।
उनका कहना है कि सुरक्षा की कमी के कारण वह इन कार्यक्रमों में पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है, जिससे वह अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों में बिना किसी बाधा के शामिल हो सकें।
सुरक्षा को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग
तेज प्रताप ने अपनी मांग के जरिए सरकार का ध्यान सुरक्षा व्यवस्था की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम होना चाहिए।
उनकी मांग के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है। सुरक्षा एजेंसियां किसी व्यक्ति को उपलब्ध सुरक्षा का आकलन खतरे की स्थिति और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर करती हैं।
राजनीतिक गतिविधियों पर असर
तेज प्रताप यादव का कहना है कि सुरक्षा की कमी का असर उनकी राजनीतिक और सार्वजनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। वह लोगों के बीच जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें कार्यक्रमों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
तेज प्रताप की ओर से सुरक्षा बढ़ाने की मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब वह बिहार की राजनीति में लगातार सक्रिय हैं। सोशल मीडिया के जरिए अपनी मांग सार्वजनिक करने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है।
फिलहाल तेज प्रताप यादव की सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। अब उनकी मांग पर प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं, इस पर नजर रहेगी।

