सीबीआई जांच की मांग से फिर सुर्खियों में तेज प्रताप यादव, सियासत और बयानबाज़ी से बनाए रखते हैं चर्चा
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव एक बार फिर राजनीतिक गलियारों से लेकर मीडिया की सुर्खियों तक में छाए हुए हैं। इस बार चर्चा की वजह बनी है उनकी वह मांग, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक गंभीर मामले में सीबीआई जांच कराने की अपील की है। मामला वाराणसी में एक बिहारी छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर तेज प्रताप यादव ने गहरी चिंता जताई है।
तेज प्रताप यादव का कहना है कि छात्रा की मौत के पीछे कई सवाल खड़े हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर हो रही जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद कम है। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। उन्होंने पत्र के माध्यम से यह भी कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा। इस मुद्दे को उठाकर तेज प्रताप ने एक बार फिर खुद को जनता की आवाज के रूप में पेश करने की कोशिश की है।
गौरतलब है कि राजनीति की नई पारी की शुरुआत करने के बाद तेज प्रताप यादव इन दिनों अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के विस्तार में जुटे हुए हैं। वे लगातार ऐसे मुद्दों को उठा रहे हैं, जिनसे आम जनता, खासकर युवाओं और बिहारियों की भावनाएं जुड़ी हों। पार्टी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वे हर मौके का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसी रणनीति के तहत वे लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब तेज प्रताप यादव सुर्खियों में आए हों। उनका राजनीतिक सफर ही विवादों, अनोखे बयानों और अलग-अलग अंदाज के लिए जाना जाता है। कभी भगवान श्रीकृष्ण के वेश में दिखना, कभी मंत्री पद पर रहते हुए अफसरों को सख्त संदेश देना, तो कभी सोशल मीडिया पर भावुक या आक्रामक पोस्ट करना—तेज प्रताप हमेशा ही चर्चा का केंद्र रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो तेज प्रताप यादव सुर्खियों में बने रहना अच्छी तरह जानते हैं। वे अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जो भावनात्मक हों और जिनसे जनता सीधे जुड़ाव महसूस करे। वाराणसी में बिहारी छात्रा की मौत का मामला भी ऐसा ही एक संवेदनशील विषय है, जिस पर आवाज उठाकर उन्होंने खुद को बिहारियों के हितैषी के रूप में प्रस्तुत किया है।
हाल के दिनों में तेज प्रताप यादव ने साफ कर दिया है कि वे सिर्फ नाम की राजनीति नहीं करना चाहते, बल्कि जमीनी मुद्दों को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेंगे। उनकी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल को लेकर भी वे लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं और अलग-अलग वर्गों से संपर्क साध रहे हैं।

