बिहार की राजधानी पटना से एक और गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आई है। NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं थी कि शहर में एक और छात्रा संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाई गई। इस घटना ने परिवार और शहरवासियों के बीच भय और चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, मृत छात्रा को अपने घर से कोचिंग जाने के लिए निकली थी। लेकिन वह कभी कोचिंग नहीं पहुंची। कुछ देर बाद उसे एम्स गोलंबर के पास मृत पाया गया। यह देखकर आसपास के लोग हैरान रह गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में कोई भी स्पष्ट सुराग नहीं मिला है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर घटनास्थल का पता लगा रही है।
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि शहर में ऐसे घटनाओं से छात्रों और परिवारों में भय का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि परिवारों को अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर मानसिक दबाव अक्सर होता है। हालांकि, इस घटना की परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हुई हैं, लेकिन पुलिस के अनुसार संदिग्ध परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपराधिक गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी ने घटना के समय आसपास कुछ संदिग्ध देखा हो तो तुरंत सूचना दें।
हाल ही में पटना में हुई NEET छात्रा की मृत्यु ने पहले ही समाज और छात्र-परिवारों के बीच चिंता बढ़ाई थी। अब दूसरी छात्रा की संदिग्ध मौत ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। यह घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि शहर में छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।
अस्पताल अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। पुलिस मामले में किसी भी तरह के अनुमान पर जल्दबाजी नहीं कर रही है।
इस तरह की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना जरूरी है। समाज, परिवार और प्रशासन को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
पटना में यह घटनाक्रम न केवल छात्रों के लिए चेतावनी है बल्कि राज्य प्रशासन के लिए भी संकेत है कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में सुधार आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच में जुटी है और दोषियों या जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

