सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है।
इस निर्णय के तहत, यूजीसी के नियम इस समय लागू नहीं होंगे, जब तक कि कोर्ट अंतिम फैसला नहीं लेती। विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट की यह रोक नियमों के संभावित प्रभाव और उनकी वैधानिकता की जांच के लिए जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका असर छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक नीतियों पर पड़ सकता था।
वहीं, यूजीसी ने कोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए कहा कि वह अदालत के आदेश के अनुसार नियमों के कार्यान्वयन को स्थगित करेगा।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस मामले पर आने वाले हफ्तों में संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी, जिसके बाद ही नियम लागू किए जा सकेंगे या उनमें संशोधन किया जा सकता है।

