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मकर संक्रांति से पहले बिहार के गन्ना किसानों को राहत, गन्ने की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी

मकर संक्रांति से पहले बिहार के गन्ना किसानों को राहत, गन्ने की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी

बिहार के गन्ना किसानों के लिए मकर संक्रांति से पहले एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने गन्ने की कीमतों में 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। यह अहम निर्णय राज्य सरकार और बिहार इंडस्ट्रीज एंड शुगर मिल्स एसोसिएशन (BISMA) के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, लंबे समय से गन्ना किसान लागत बढ़ने के बावजूद उचित मूल्य नहीं मिलने की शिकायत कर रहे थे। खाद, बीज, डीजल और मजदूरी की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में मकर संक्रांति जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी को किसानों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, BISMA के प्रतिनिधि और चीनी मिलों के संचालक मौजूद थे। चर्चा के दौरान किसानों की समस्याओं और उत्पादन लागत पर विस्तार से विचार किया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से गन्ने की कीमतों में 15 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया।

नई दरों की बात करें तो, अब गन्ने की अलग-अलग किस्मों के लिए संशोधित मूल्य लागू होंगे। हालांकि आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही सटीक दरें स्पष्ट होंगी, लेकिन सूत्रों के अनुसार सामान्य गन्ना किस्म की कीमत में 15 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की जाएगी। इससे किसानों को प्रति क्विंटल बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय में इजाफा होगा।

राज्य सरकार का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। गन्ना बिहार की प्रमुख नकदी फसलों में से एक है और हजारों किसान अपनी आजीविका इसके उत्पादन पर निर्भर करते हैं। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में चीनी मिलों के भुगतान में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

वहीं BISMA की ओर से कहा गया है कि चीनी मिलें किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लेने पर सहमत हुई हैं। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि बढ़ी हुई कीमतों का भुगतान किसानों को समय पर किया जाएगा, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

गन्ना किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि यह बढ़ोतरी भले ही सीमित हो, लेकिन मौजूदा हालात में यह काफी राहत देने वाली है। कई किसान संगठनों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में गन्ने के दामों में और बढ़ोतरी की जाएगी और किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप उचित मूल्य मिलेगा।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से गन्ना उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कीमत मिलने से किसान अगली फसल में गन्ने की खेती के लिए और अधिक उत्साहित होंगे, जिससे राज्य की चीनी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

कुल मिलाकर, मकर संक्रांति से पहले गन्ने की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी ने बिहार के गन्ना किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। अब सभी की नजरें सरकार की आधिकारिक अधिसूचना और नई दरों के लागू होने पर टिकी हैं, जिससे किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

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