समस्तीपुर सदर अस्पताल में महिला सिपाही की मौत पर सख्ती, ICU नोडल पदाधिकारी समेत 3 डॉक्टरों से मांगा स्पष्टीकरण
समस्तीपुर सदर अस्पताल के आईसीयू में इलाज के अभाव में महिला सिपाही की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने आईसीयू के नोडल पदाधिकारी समेत तीन डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा है। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है।
बताया जा रहा है कि महिला सिपाही को इलाज के लिए सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि आईसीयू में समय पर इलाज और आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
सिविल सर्जन ने मामले में अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की भूमिका की जानकारी मांगी है। इसी क्रम में आईसीयू के नोडल पदाधिकारी सहित तीन डॉक्टरों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। संबंधित डॉक्टरों से घटना के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि महिला सिपाही को किस स्थिति में अस्पताल लाया गया था, आईसीयू में भर्ती होने के बाद उसे कौन-कौन सी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला सिपाही की मौत के लिए किन परिस्थितियों की जिम्मेदारी बनती है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद स्वास्थ्य प्रशासन आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
घटना के बाद सदर अस्पताल में मरीजों के इलाज और आईसीयू की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से संकेत है कि मामले की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल संबंधित डॉक्टरों के जवाब और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

