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बिहार विधानसभा में तीखी नोकझोंक: तेजस्वी का ‘कठपुतली मुख्यमंत्री’ हमला, नीतीश का पलटवार

बिहार विधानसभा में तीखी नोकझोंक: तेजस्वी का ‘कठपुतली मुख्यमंत्री’ हमला, नीतीश का पलटवार

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “अचेत” और “कठपुतली मुख्यमंत्री” करार दिया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य की सरकार निर्वाचित नेतृत्व नहीं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों के इशारों पर चल रही है।

विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई विभागों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और मुख्यमंत्री इस पर नियंत्रण रखने में असफल साबित हुए हैं। तेजस्वी ने कहा कि फैसले मंत्री नहीं, बल्कि कुछ प्रभावशाली अधिकारी ले रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

तेजस्वी के इन आरोपों पर सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्तापक्ष के विधायकों ने इसका जोरदार विरोध किया और बयान को अनुचित बताया। स्थिति को संभालने के लिए सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सदन में खड़े होकर पलटवार किया। उन्होंने तेजस्वी यादव से 2024 में सरकार गिराने की कथित कोशिशों पर सवाल उठाए। नीतीश ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने विधायकों को प्रभावित करने के लिए धन का इस्तेमाल किया। उन्होंने पूछा कि आखिर विधायकों को कथित तौर पर कितनी राशि दी गई और उसका स्रोत क्या था।

नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीति के लिए अनर्गल आरोप लगाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

विधानसभा में हुई इस तीखी नोकझोंक के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्ष जहां सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तापक्ष विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।

बजट सत्र के दौरान हुई इस बहस ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की राजनीति में टकराव का दौर जारी है। जनता से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी सदन की कार्यवाही पर हावी रही। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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