सीमांचल में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात से तबाही, 4 की मौत; कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में कुल 4 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें कटिहार में 3 और पूर्णिया में 1 व्यक्ति शामिल है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते तेज आंधी शुरू हो गई। करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान कई जगहों पर वज्रपात (आकाशीय बिजली) की घटनाएं भी हुईं, जिनमें लोग इसकी चपेट में आ गए।
तूफान के कारण कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए, जिससे सड़क यातायात बाधित हो गया। ग्रामीण इलाकों में घरों के टीन शेड उड़ गए और कच्चे मकानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कई जगह बिजली के खंभे और तार गिर जाने से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।
कटिहार Katihar में जहां 3 लोगों की मौत हुई है, वहीं पूर्णिया Purnia में एक व्यक्ति की वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई। अचानक हुई इस घटना से प्रभावित परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। प्रभावित इलाकों में क्षति का आकलन किया जा रहा है और टूटे हुए पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है और जल्द ही राहत राशि जारी की जाएगी।
मौसम विभाग ने पहले ही कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की थी, लेकिन अचानक आए इस तूफान की तीव्रता ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में मौसम इतना खराब हो गया कि लोग अपने घरों से बाहर निकल भी नहीं पाए। कई परिवारों के घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे उन्हें अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर ही रहें और पेड़ों या खुले स्थानों से दूर रहें, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने और समय पर चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत को उजागर करती है।

