भागलपुर में गंगा का भीषण कटाव, नदी में समा गया दुर्गा मंदिर; हालात देखने बिहार लौटे डिप्टी CM
बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का कटाव लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। राघोपुर इलाके में मंगलवार को गंगा के तेज कटाव की चपेट में आने से दुर्गा मंदिर नदी में समा गया। मंदिर के नदी में विलीन होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गंगा यहां बाहर से कम और जमीन के अंदर से ज्यादा कटाव कर रही है, जिसके कारण आसपास का इलाका बेहद असुरक्षित हो गया है। प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
देखते ही देखते नदी में समा गया मंदिर
राघोपुर में गंगा के किनारे स्थित दुर्गा मंदिर लंबे समय से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा था। मंगलवार को कटाव तेज होने के बाद मंदिर का एक हिस्सा अचानक कमजोर हुआ और देखते ही देखते पूरा मंदिर गंगा की धारा में समा गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा की धारा लगातार किनारे की जमीन को भीतर से काट रही है। ऊपर से जमीन सामान्य दिखाई देती है, लेकिन अंदर से मिट्टी खिसकने के कारण अचानक बड़े हिस्से नदी में गिर रहे हैं। यही वजह है कि कटाव वाले क्षेत्र में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
कटाव से ग्रामीणों में भय
गंगा के कटाव ने राघोपुर और आसपास के इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को डर है कि अगर कटाव इसी गति से जारी रहा तो नदी किनारे मौजूद अन्य संरचनाएं और घर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। कई लोग अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कटाव को रोकने के लिए किए जा रहे इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। ग्रामीण लंबे समय से प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ अस्थायी तौर पर कटावरोधी काम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
दिल्ली की बैठक छोड़कर बिहार लौटे डिप्टी CM
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी दिल्ली में चल रही बैठक को बीच में छोड़कर बिहार लौट गए हैं। बताया जा रहा है कि राज्य में बाढ़ और गंगा के बढ़ते कटाव को लेकर सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
डिप्टी सीएम के बिहार लौटने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कटाव प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा किए जाने की संभावना है। अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव से जुड़े इंतजामों को मजबूत रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
कई इलाकों पर मंडरा रहा खतरा
गंगा के जलस्तर और कटाव की स्थिति को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की रफ्तार कभी भी अचानक बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ नदी के किनारे कटाव को रोकना है।
दुर्गा मंदिर के नदी में समा जाने की घटना ने एक बार फिर गंगा के कटाव की भयावहता को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीण चाहते हैं कि तत्काल प्रभाव से कटावरोधी उपाय किए जाएं, ताकि आने वाले दिनों में जान-माल और अन्य धार्मिक एवं सार्वजनिक संरचनाओं को नुकसान से बचाया जा सके।

