पटना में कड़ाके की ठंड का कहर, अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी, बेड की किल्लत से जूझ रहा स्वास्थ्य तंत्र
राजधानी पटना में कड़ाके की ठंड ने लोगों की सेहत पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। ठंड बढ़ने के साथ ही शहर के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, सांस फूलने और ब्लड प्रेशर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई बड़े अस्पतालों में बेड की भारी कमी हो गई है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच), इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईसी), नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना में मेडिसिन, कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग सबसे अधिक प्रभावित हैं। डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इन विभागों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे वार्ड और इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह भरी हुई हैं।
पीएमसीएच के डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के कारण ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ने और रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग, पहले से हृदय रोग, मधुमेह, अस्थमा और फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई मामलों में मरीजों को गंभीर हालत में इमरजेंसी में लाया जा रहा है।
आईजीआईसी और एम्स पटना में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। यहां कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी वार्ड में बेड लगभग फुल हो चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में सांस की नलियों के सिकुड़ने से अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है, जिससे सांस फूलने की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं। कई जगहों पर मरीजों को स्ट्रेचर या अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर इलाज देना पड़ रहा है।
चिकित्सकों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचें, शरीर को पूरी तरह ढककर रखें और गर्म कपड़े पहनें। ठंड में अचानक ठंडे पानी से न नहाएं और खानपान का भी विशेष ध्यान रखें।
डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी है कि सीने में दर्द, अचानक कमजोरी, बोलने में दिक्कत, सांस लेने में परेशानी या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचें और लापरवाही न बरतें।

