Bhagalpur देखते ही देखते तेज बहाव में बहे दो युवक, तैरकर बचाई जान; दूसरे जिलों से मंगवाई जा रही SDRF की टीम
बांध टूटते ही वहां मौजूद दो युवक भी उस कटाव में गिर गए और तेज धारा में बहने लगे। लेकिन फिर दोनों ने तैरकर अपनी जान बचा ली।रिंग डैम टूटने से सैदपुर गांव के लोग अब दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा जिस तरह से अपने उबड़-खाबड़ रूप में है, संभव है कि जमींदारी बांध भी खतरे में हो।खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि, ग्रामीणों का कहना है कि सैदपुर गांव से पहले जमींदारी बांध का रखरखाव कभी नहीं किया गया। इस वजह से अगर इस बांध में जरा सा भी रिसाव होता है तो जमींदारी बांध गंगा के तेज और तेज बहाव के सामने तिनके की तरह बह जाएगा।
रिंग डैम टूटते ही नौगछिया प्रशासन ने भागलपुर जिला प्रशासन व आपदा विभाग को दुखद संदेश भेजा है। भागलपुर जिला प्रशासन को सूचना मिलते ही भागलपुर जिला पदाधिकारी सुव्रत सेन दीम्हा होते हुए उक्त स्थान के लिए रवाना हो गए। तत्कालीन भागलपुर की एसडीआरएफ टीम उक्त स्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।रिंग डैम टूटने से हालात बिगड़ने लगे हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन और नौगछिया प्रशासन ने मधेपुरा और सहरसा जिलों से मदद मांगी है। फिलहाल एसडीआरएफ की चार टीमें मधेपुरा और सहरसा से नौगछिया के लिए रवाना हो चुकी हैं।
बांध टूटने से अब तक एक घर पूरी तरह से जमींदोज हो चुका है। एसडीआरएफ की टीम लोगों को निकालने में लगी हुई है। फिलहाल सैदपुर गांव में भी बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। जिस तरह से गंगा और कोशी अपने उफान पर हैं। बताया जा रहा है कि नौगछिया का दक्षिणी हिस्सा पूरी तरह से जलमग्न हो जाएगा एक तरफ कोशी और दूसरी तरफ गंगा। खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि,फलते-फूलते कुर्सेला में कोशी मिल रही है। इसलिए गंगा अपने तेज बहाव से रिंग बांध को तोड़कर नौगछिया में फैल रही है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि रात होते-होते एनएच 31 और एनएच 80 तक जलमग्न होने की आशंका जताई जा रही है।

