विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा पर मंडराया खतरा, क्षतिग्रस्त पिलरों से बढ़ी चिंता
बिहार के भागलपुर को कोसी-सीमांचल समेत देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाला ऐतिहासिक Vikramshila Setu अब गंभीर सुरक्षा चुनौती का सामना कर रहा है। पुल के कई पिलरों के प्रोटेक्शन वाल (सुरक्षा दीवार) के क्षतिग्रस्त होने से इसकी मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, पुल के तीन पिलरों के प्रोटेक्शन वाल को नुकसान पहुंचा है। इनमें से एक पिलर का प्रोटेक्शन वाल पूरी तरह टूट चुका है, जबकि दूसरे पिलर का प्रोटेक्शन वाल लटकता हुआ नजर आ रहा है। तीसरे पिलर की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। इस तरह की स्थिति पुल की संरचनात्मक मजबूती पर असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोटेक्शन वाल का काम पिलरों को बाहरी दबाव, पानी के बहाव और अन्य प्राकृतिक प्रभावों से बचाना होता है। ऐसे में इन दीवारों के क्षतिग्रस्त होने से सीधे तौर पर पुल की नींव और पिलरों पर दबाव बढ़ सकता है, जो लंबे समय में गंभीर खतरे का कारण बन सकता है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों में भी इस खबर को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह पुल रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही का महत्वपूर्ण माध्यम है। Vikramshila Setu न केवल भागलपुर बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक अहम कनेक्टिविटी लिंक है।
इंजीनियरिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते इन क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और मजबूती नहीं की गई, तो भविष्य में पुल की संरचना पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करने की अपील की है।
प्रशासन की ओर से भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कुल मिलाकर, Vikramshila Setu की वर्तमान स्थिति एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आई है, जो यह दर्शाती है कि समय रहते रखरखाव और निगरानी कितनी जरूरी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए कितनी तेजी से और प्रभावी कदम उठाता है।

