सासाराम में 7 अरब रुपये की लागत से नया सासाराम नॉर्थ जंक्शन विकसित किया जा रहा है। यह जंक्शन कर्मडिहरी गांव के पास बन रहा है और इसके पूरा होने के बाद सोननगर-जपला, गयाजी-हावड़ा और डीडीयू-दिल्ली रेल लाइनों को जोड़ा जाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के साथ आरा-सासाराम रेलखंड का दोहरीकरण भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मुख्य रेल लाइनों पर यातायात का दबाव कम करना और माल व यात्री दोनों ट्रेनों की आवाजाही को सुचारू बनाना है। साथ ही, चौसा थर्मल पावर प्लांट को रेल मार्ग से लाभ मिलेगा, जिससे ईंधन और माल की आपूर्ति में सुविधा बढ़ेगी।
परियोजना के पूरा होने की अनुमानित अवधि तीन साल है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जंक्शन और रेलखंड के आधुनिकीकरण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि नए नॉर्थ जंक्शन से व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और क्षेत्र में आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। साथ ही, यात्री और माल ढुलाई दोनों के लिए सुविधा आसान होगी।
रेलवे ने इस परियोजना को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित करने का आश्वासन दिया है, जिसमें प्लेटफॉर्म, लाइन जोड़ और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की व्यवस्था शामिल होगी। इससे सासाराम का रेलवे नेटवर्क और मजबूत और भविष्य के लिए तैयार होगा।

