Samachar Nama
×

संजय सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में हलचल, कांग्रेस विधायकों के एनडीए में आने का किया दावा

संजय सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में हलचल, कांग्रेस विधायकों के एनडीए में आने का किया दावा

बिहार की नीतीश सरकार में चिराग पासवान की पार्टी से मंत्री बने संजय सिंह के एक बयान ने राज्य की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। संजय सिंह ने दावा किया है कि मकर संक्रांति 2026 के बाद कांग्रेस में बड़ा ‘खेला’ होगा और कांग्रेस के कई विधायक पार्टी का ‘हाथ’ छोड़कर एनडीए में शामिल हो जाएंगे। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

मंत्री संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार की राजनीति में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई विधायक वर्तमान राजनीतिक हालात और पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। यही कारण है कि आने वाले समय में वे एनडीए का दामन थाम सकते हैं। संजय सिंह ने कहा, “मकर संक्रांति 2026 के बाद बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू होगा। कांग्रेस के विधायक खुद निर्णय लेंगे और एनडीए में शामिल होंगे।”

संजय सिंह के इस बयान को एनडीए की बढ़ती ताकत और विपक्ष की कमजोरी से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार विकास और सुशासन के रास्ते पर आगे बढ़ रही है, जबकि कांग्रेस और विपक्षी दलों के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उनका कहना है कि यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में नाराजगी साफ देखी जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने संजय सिंह के दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि पार्टी एकजुट है और किसी भी विधायक के एनडीए में जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए नेता इस तरह के बयान देकर विपक्ष को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय सिंह का यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया है। बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दल अपने-अपने पाले मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में विधायकों के टूटने-जुड़ने की अटकलें सियासी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर भविष्य में कांग्रेस के कुछ विधायक सचमुच एनडीए में शामिल होते हैं, तो इसका सीधा असर बिहार की सत्ता और विपक्ष की भूमिका पर पड़ेगा। हालांकि फिलहाल यह केवल एक राजनीतिक दावा है, जिसकी पुष्टि किसी ठोस घटनाक्रम से नहीं हुई है।

गौरतलब है कि चिराग पासवान की पार्टी के एनडीए में शामिल होने के बाद से गठबंधन की राजनीति में नई सक्रियता देखी जा रही है। संजय सिंह का बयान उसी राजनीतिक माहौल की एक कड़ी माना जा रहा है।

फिलहाल संजय सिंह के बयान ने बिहार की सियासत में हलचल जरूर मचा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह बयान भविष्य की किसी बड़ी राजनीतिक घटना का संकेत है या सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति। आने वाले महीनों में बिहार की राजनीति किस दिशा में जाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

Share this story

Tags