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सम्राट चौधरी सरकार का फैसला, गांवों में अभी नहीं लगेगा मकान कर; नियमों में संशोधन की तैयारी

सम्राट चौधरी सरकार का फैसला, गांवों में अभी नहीं लगेगा मकान कर; नियमों में संशोधन की तैयारी

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने ग्रामीण इलाकों में मकान कर वसूली को लेकर बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार फिलहाल गांवों में नया मकान कर लागू करने के मूड में नहीं है। त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में कर वसूली के प्रावधानों को संशोधित करने के बाद ही नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में मकान कर लगाए जाने की चर्चा के बाद लोगों के बीच कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गई थीं। इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सवाल उठ रहे थे। अब सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा प्रावधानों में संशोधन के बाद ही ग्रामीण क्षेत्रों में नई कर व्यवस्था को लागू करने पर आगे फैसला किया जाएगा।

पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े हैं प्रावधान

राज्य सरकार त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कर वसूली से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों पर किसी तरह का अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने से बचना और कर व्यवस्था से जुड़े नियमों को स्पष्ट करना बताया जा रहा है। संशोधन के बाद ही यह तय होगा कि भविष्य में ग्रामीण इलाकों में मकान कर या अन्य करों की वसूली किस तरह की जाएगी।

गांवों में मकान कर को लेकर उठे थे सवाल

मकान कर वसूली की खबरों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई थी। कई लोगों को आशंका थी कि नई व्यवस्था लागू होने पर उन्हें अपने घरों पर अतिरिक्त कर देना पड़ सकता है। सरकार के रुख के बाद फिलहाल ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार अब कर वसूली से संबंधित प्रावधानों का अध्ययन कर संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। इसके बाद ही नई व्यवस्था को लागू करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

संशोधन के बाद लागू होंगे नए प्रावधान

राज्य सरकार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े किसी भी नए कर प्रावधान को संशोधन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जाएगा। फिलहाल गांवों में मकान कर वसूली को लेकर कोई नई व्यवस्था तत्काल लागू नहीं होगी।

सरकार के इस रुख को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर नियमों में होने वाले संशोधन और सरकार के अगले फैसले पर रहेगी।

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