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28 हजार शिक्षकों का वेतन भुगतान हो सकता है प्रभावित, अनुपस्थिति विवरण न मिलने से होली पर संकट

28 हजार शिक्षकों का वेतन भुगतान हो सकता है प्रभावित, अनुपस्थिति विवरण न मिलने से होली पर संकट

बिहार के मुजफ्फरपुर में लगभग 28 हजार शिक्षक इस समय वेतन भुगतान में देरी की समस्या का सामना कर सकते हैं। जिले के डीपीओ कार्यालय (जिला शिक्षा पदाधिकारी) ने बताया कि शिक्षक कर्मचारियों का अनुपस्थिति विवरण समय पर कार्यालय को नहीं मिला, जिसके कारण होली से पहले उनके वेतन भुगतान में मुश्किलें आ सकती हैं।

शिक्षकों के वेतन भुगतान का यह प्रक्रिया हर महीने की शुरुआत में पूरी की जाती है। लेकिन इस बार, कई स्कूलों और प्राथमिक शिक्षा केंद्रों से आवश्यक अनुपस्थिति और उपस्थिति रिपोर्ट डीपीओ कार्यालय तक समय पर नहीं पहुँची। इसके कारण प्रशासन को भुगतान प्रक्रिया में देरी का सामना करना पड़ सकता है।

डीपीओ कार्यालय ने बताया कि "हमने संबंधित स्कूलों और ब्लॉकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे शीघ्रता से सभी विवरण भेजें। यदि यह विवरण समय पर नहीं आते हैं, तो शिक्षकों का वेतन मार्च महीने में होली से पहले जारी नहीं हो पाएगा।"

शिक्षक संघ और कर्मचारियों ने भी इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि होली के अवसर पर वेतन मिलने में देरी से परिवारों पर आर्थिक दबाव पड़ेगा, क्योंकि त्योहार के समय बाजार और घरेलू खर्च बढ़ जाते हैं।

प्राथमिक शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि वे वेतन भुगतान प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाएंगे। डीपीओ कार्यालय ने सभी स्कूलों से आग्रह किया है कि वे अपने अनुपस्थिति विवरण जल्द से जल्द अपडेट करें, ताकि किसी भी तरह की देरी से बचा जा सके।

शिक्षक संघ के नेताओं ने भी बताया कि वे डीपीओ कार्यालय के संपर्क में हैं और हर स्तर पर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि शिक्षक वेतन में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि “हम चाहते हैं कि सभी शिक्षकों का वेतन समय पर पहुंचे, विशेषकर त्योहारों के समय।”

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की देरी अक्सर प्रशासनिक प्रक्रिया में कागजी काम और समयसीमा का पालन न होने के कारण होती है। इसलिए, स्कूल प्रशासन और डीपीओ कार्यालय को इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मुजफ्फरपुर के यह मामला इस बात को भी उजागर करता है कि सरकारी भुगतान प्रणाली में समयबद्धता और डेटा प्रबंधन का महत्व कितना बड़ा है। सही समय पर अनुपस्थिति विवरण न आने पर न केवल कर्मचारियों की आमदनी प्रभावित होती है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र पर भी दबाव बढ़ता है।

अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की है कि वे अपने स्कूलों के माध्यम से विवरण जमा कराकर प्रक्रिया को सरल बनाएं।

इस स्थिति को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही सभी आवश्यक दस्तावेज डीपीओ कार्यालय तक पहुँच जाएंगे और 28 हजार शिक्षकों का वेतन होली से पहले जारी किया जा सकेगा।

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