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द्वारका एक्सप्रेसवे में 'सड़क उत्सव', 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण की मांग

द्वारका एक्सप्रेसवे में 'सड़क उत्सव', 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण की मांग

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे के सेक्टर-102 में हाल ही में 'सड़क उत्सव' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डीएक्सपी-जीडीए और मिशन 7374 द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। उत्सव में लगभग 4000 नागरिकों ने भाग लिया, जिसमें स्थानीय लोग, विद्यार्थी और विभिन्न सामाजिक समूह शामिल थे।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में सड़कों और बुनियादी ढांचे के अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। मुख्य फोकस 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण पर रखा गया, ताकि क्षेत्र में यातायात, सुरक्षा और सुविधा में सुधार किया जा सके। आयोजकों ने कहा कि सड़कों की उचित चौड़ाई और बुनियादी ढांचे का विकास शहर की जीवन गुणवत्ता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

उत्सव में संगीत, नृत्य और खेल गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे सभी आयु वर्ग के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मांग उठाना नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण और सामूहिक आंदोलन के माध्यम से नागरिक अधिकारों की रक्षा करना भी था।

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों ने एकजुट होकर शांति और अनुशासन के साथ आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे बुनियादी ढांचे के लिए सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी आवाज लगातार उठाते रहेंगे। आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी भी तरह के विरोध या हिंसा के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि सकारात्मक और जागरूक आंदोलन के रूप में देखा जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे नागरिक-आधारित कार्यक्रम समाज में सामूहिक भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका हैं। उन्होंने कहा कि जब नागरिक अपने अधिकारों और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता के लिए संगठित रूप से आवाज उठाते हैं, तो इससे प्रशासन पर सकारात्मक दबाव बनता है और बदलाव की प्रक्रिया तेज होती है।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस अवसर पर अपनी मांगों को साझा किया। उन्होंने कहा कि द्वारका एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों में 24 मीटर चौड़ी सड़कें और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था लंबे समय से अपेक्षित है। उनका कहना था कि बेहतर सड़कें न केवल यातायात समस्या हल करेंगी, बल्कि दुर्घटनाओं में कमी और समय की बचत भी सुनिश्चित करेंगी।

इस उत्सव ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्थानीय नागरिक संगठन और समाजिक आंदोलन बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। डीएक्सपी-जीडीए और मिशन 7374 के संयोजन में यह पहल क्षेत्र में नागरिक जागरूकता और सक्रिय भागीदारी का प्रतीक बन गई है।

निष्कर्ष: द्वारका एक्सप्रेसवे में आयोजित यह 'सड़क उत्सव' नागरिकों के अधिकारों, सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के सुधार की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नागरिक अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण और सामूहिक आंदोलन के जरिए प्रभावी रूप से आवाज उठा सकते हैं।

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