पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट का विरोध, सरायरंजन के लोगों ने नितिन गडकरी से की शिकायत
समस्तीपुर जिले के सरायरंजन क्षेत्र से गुजरने वाले प्रस्तावित पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित रूट योजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने एलाइनमेंट पर आपत्ति जताते हुए इसे बदलने की मांग की है।
मामला इतना बढ़ गया है कि सरायरंजन के लोगों ने सीधे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को शिकायत भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान एलाइनमेंट से बड़ी संख्या में किसानों की जमीन प्रभावित होगी और कई परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे के लिए तय किए गए मार्ग में स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि यदि एलाइनमेंट में बदलाव किया जाए तो कम आबादी वाले क्षेत्रों से होकर सड़क निकाली जा सकती है, जिससे लोगों की जमीन और आवास को कम नुकसान होगा।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बैठकों का आयोजन किया गया है और प्रशासन के समक्ष भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। हालांकि अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिलने के कारण उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
लोगों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसी परियोजनाओं में प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि एलाइनमेंट का पुनर्मूल्यांकन कर वैकल्पिक मार्गों पर विचार किया जाए, ताकि कम से कम लोगों को नुकसान पहुंचे।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा समय में कमी आने और परिवहन सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट को लेकर कई क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर आपत्तियां भी सामने आ रही हैं।
फिलहाल स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद इस मुद्दे ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक आयाम ले लिया है। अब लोगों की नजर केंद्र और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों और चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और ऐसा समाधान निकाला जाएगा जिससे विकास कार्य भी आगे बढ़े और प्रभावित लोगों के हित भी सुरक्षित रहें।

