मुजफ्फरपुर के सरकारी स्कूलों में 66 RO पर उठे सवाल, NDA प्रत्याशी अभिषेक झा ने मांगा जवाब
मुजफ्फरपुर के सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत लगाए गए 66 आरओ यानी रिवर्स ऑस्मोसिस सिस्टम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी अभिषेक झा ने इन आरओ सिस्टम को लेकर सवाल उठाते हुए व्यवस्था और उनके इस्तेमाल पर जवाब मांगा है।
अभिषेक झा ने सरकारी स्कूलों में लगाए गए आरओ सिस्टम को लेकर संबंधित व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि सरकारी राशि से लगाए गए इन उपकरणों का उद्देश्य स्कूली बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में यह सुनिश्चित होना चाहिए कि सभी आरओ सिस्टम सही स्थिति में हों और बच्चों को नियमित रूप से उनका लाभ मिल रहा हो।
मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाते हैं। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर के सरकारी स्कूलों में भी आरओ सिस्टम लगाए गए हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। लेकिन अब 66 आरओ को लेकर सवाल उठने के बाद योजना के क्रियान्वयन और रखरखाव पर चर्चा शुरू हो गई है।
अभिषेक झा ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। सवाल यह है कि स्कूलों में लगाए गए आरओ सिस्टम में से कितने वर्तमान में चालू हैं, कितने खराब हैं और खराब पड़े उपकरणों की मरम्मत के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही इन उपकरणों की स्थापना और रखरखाव पर खर्च की गई राशि की जानकारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बेहद जरूरी है। स्कूलों में दूषित पानी की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। ऐसे में यदि किसी योजना के तहत आरओ सिस्टम लगाए जाते हैं तो उनकी नियमित देखरेख और समय पर मरम्मत भी उतनी ही जरूरी है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अभिषेक झा तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए के प्रत्याशी हैं। उनके द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद इसे राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि आरओ सिस्टम को लेकर लगाए गए सवालों की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग या प्रशासन की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब निगाहें प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर हैं कि 66 आरओ सिस्टम की वर्तमान स्थिति को लेकर क्या जानकारी सामने आती है। यदि बड़ी संख्या में उपकरण बंद या खराब पाए जाते हैं तो उनके रखरखाव और सरकारी धन के उपयोग को लेकर सवाल और गंभीर हो सकते हैं। वहीं यदि अधिकांश आरओ चालू हैं तो प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट कर अभिषेक झा द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दिया जा सकता है।
फिलहाल 66 आरओ सिस्टम को लेकर उठे सवालों ने सरकारी स्कूलों में पेयजल व्यवस्था और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में विभागीय स्तर पर क्या जानकारी सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।

