पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, 31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया
31 साल पुराने एक पुराने मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला पटना की एक विशेष अदालत से जुड़ा है, जिसने पप्पू यादव समेत तीन अन्य लोगों के खिलाफ कुर्की और जब्ती का आदेश भी जारी किया है।
पुलिस के अनुसार, यह आदेश पटना की विशेष अदालत ने जारी किया और इसी के तहत पुलिस पप्पू यादव के मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची। गिरफ्तारी के दौरान सांसद ने पुलिस के साथ सहयोग किया। अदालत के आदेश के मुताबिक, पप्पू यादव समेत अन्य आरोपियों पर धोखाधड़ी करके मकान किराए पर लेने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला पिछले 31 साल से न्यायिक प्रक्रिया में लंबित था। पप्पू यादव और अन्य आरोपी लंबे समय तक कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिसके कारण अदालत ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया और कुर्की-जब्ती का आदेश दिया।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के दौरान यह पाया गया कि पप्पू यादव और अन्य आरोपियों ने धोखाधड़ी करके मकान किराए पर लिया था और बाद में संबंधित पक्षों को नुकसान पहुंचाया। इस लंबित मामले के कारण अदालत ने गिरफ्तारी और कुर्की के आदेश को अंजाम दिया।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। हालांकि, सांसद ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के साथ सहयोग किया और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से लंबित मामलों और नेताओं की जवाबदेही पर भी ध्यान आकर्षित होगा।
इस मामले के तहत कुर्की-जब्ती का आदेश भी जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि आरोपी की संपत्ति को जब्त किया जा सकता है ताकि मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके। अदालत का यह कदम यह भी दर्शाता है कि न्यायालय समय की परवाह किए बिना लंबित मामलों में भी सख्त कार्रवाई करने को तैयार है।
वहीं, स्थानीय लोग और राजनीतिक जानकार इस गिरफ्तारी को न्याय की जीत के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि किसी भी व्यक्ति, चाहे वह राजनीतिक रूप से शक्तिशाली हो, कानून से ऊपर नहीं है और अदालत के आदेशों का पालन करना अनिवार्य है।
पप्पू यादव के खिलाफ यह मामला 31 साल पहले दर्ज हुआ था और तब से लेकर अब तक यह लंबित था। लंबे समय तक कोर्ट में पेश न होने के कारण मामला लंबित रहा, लेकिन अदालत ने अब इसे निपटाने का सख्त कदम उठाया है।
पटना पुलिस ने बताया कि सांसद को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हिरासत में लिया गया है और मामले की आगे की सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी से बिहार में राजनीतिक और न्यायिक क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है।
इस तरह पप्पू यादव की गिरफ्तारी और कुर्की-जब्ती का आदेश यह स्पष्ट करता है कि लंबित और पुराने मामलों में भी न्यायालय सख्त कदम उठा सकता है और कानून को किसी के लिए नरम नहीं किया जा सकता।

