बिहार में डिजिटल निवेश की तैयारी: सीएम सम्राट चौधरी से मिला गूगल डेलिगेशन, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए न्योता
बिहार की राजधानी पटना में तकनीकी और डिजिटल निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल देखने को मिली है। दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से Google के इंडिया वाइस प्रेसिडेंट चंदू थोटा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
इस बैठक में राज्य में निवेश और तकनीकी विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से गूगल को बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (Global Capability Center - GCC) स्थापित करने का औपचारिक न्योता दिया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाना, युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षित करना और राज्य को डिजिटल हब के रूप में विकसित करना है। सरकार का मानना है कि इस तरह के निवेश से बिहार की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बिहार में आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने निवेशकों को बेहतर माहौल, नीतिगत समर्थन और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स की भी जानकारी दी।
Google प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्य की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय कंपनी की आंतरिक समीक्षा और आगे की वार्ताओं के बाद लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बिहार में स्थापित होता है, तो यह राज्य के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे न केवल आईटी सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार पहले से ही डिजिटल बिहार की दिशा में कई योजनाएं चला रही है, और इस पहल को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में और भी बड़ी टेक कंपनियों को बिहार में निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा।
फिलहाल, इस बैठक को बिहार में निवेश बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है और सभी की नजरें आगे की बातचीत और संभावित समझौते पर टिकी हैं।

