अररिया सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; सड़क जाम कर किया हंगामा
अररिया सदर अस्पताल में ऑपरेशन के पांच दिन बाद एक प्रसूता की मौत से सोमवार को हंगामा मच गया। मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने चांदनी चौक से जीरोमाइल जाने वाले मुख्य मार्ग को भी जाम कर दिया। परिजनों ने मामले की जांच कर दोषी डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मृतका की पहचान सिकटी प्रखंड के तीरा खाबदाह वार्ड संख्या 6 निवासी 27 वर्षीय अंजली कुमारी के रूप में हुई है। उनके पति का नाम बिट्टू कुमार बताया गया है। जानकारी के मुताबिक अंजली को प्रसव पीड़ा होने के बाद 26 अगस्त को अररिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया, जिसके बाद उन्होंने बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात को परिजनों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही अंजली की तबीयत ठीक नहीं थी। उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। परिवार का कहना है कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से कई बार उनकी गंभीर स्थिति के बारे में बताया गया, लेकिन समय रहते उचित उपचार नहीं मिल सका। परिजनों का यह भी आरोप है कि महिला की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे समय पर बेहतर इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया।
सोमवार सुबह इलाज के दौरान अंजली की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पैसे लेने का भी आरोप
परिजनों की ओर से इलाज के दौरान पैसे लिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। उनका कहना है कि इलाज और जरूरी सुविधाओं के नाम पर उनसे पैसे की मांग की गई। हालांकि, पैसे लेने से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में किसी कर्मचारी या चिकित्सक की ओर से अनियमितता हुई थी या नहीं।
पुलिस ने समझाकर हटाया जाम
हंगामे की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक लोग दोषी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। समझाइश के बाद सड़क से जाम हटाया गया और आवागमन सामान्य हो सका।
सिविल सर्जन ने जांच की बात कही
सिविल सर्जन केके कश्यप ने बताया कि महिला का करीब पांच दिन पहले ऑपरेशन हुआ था। प्रारंभिक तौर पर तेज बुखार और चमकी आने की बात सामने आई है। हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही प्रसूता की मौत की वास्तविक वजह और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के बाद तथ्य सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मृतका के परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

