प्रॉपर्टी टैक्स देने में PMCH पहले स्थान पर:जमा किए 28.50 लाख रुपये, गैर-सरकारी संस्थानों में मेदांता अस्पताल टॉप पर
प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के मामले में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) ने सरकारी संस्थानों में पहला स्थान हासिल किया है। PMCH की ओर से 28.50 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में जमा किए गए हैं। वहीं गैर-सरकारी संस्थानों की श्रेणी में मेदांता अस्पताल सबसे आगे रहा है।
प्रॉपर्टी टैक्स नगर निकायों की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इससे शहर में सड़क, नाली, सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए राजस्व जुटाया जाता है। इसी वजह से बड़े सरकारी और निजी संस्थानों से समय पर टैक्स वसूली पर विशेष जोर दिया जाता है।
PMCH की ओर से 28.50 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा किए जाने के बाद यह सरकारी संस्थानों में सबसे अधिक टैक्स देने वाला संस्थान बन गया है। अस्पताल परिसर और उससे जुड़ी संपत्तियों के आधार पर देय टैक्स का भुगतान किया गया है।वहीं, गैर-सरकारी संस्थानों में मेदांता अस्पताल ने सबसे अधिक प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया है। बड़े अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों से मिलने वाला प्रॉपर्टी टैक्स नगर निकाय के लिए महत्वपूर्ण राजस्व माना जाता है।
बड़े संस्थानों पर नगर निकाय की नजर
नगर निकाय की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आने वाली बड़ी संपत्तियों की जानकारी जुटाई जाती है। इसके आधार पर संपत्ति का आकलन कर टैक्स निर्धारित किया जाता है। सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी अस्पताल, मॉल, होटल, स्कूल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी टैक्स की वसूली की जाती है।अधिकारियों का लक्ष्य अधिक से अधिक करदाताओं को टैक्स व्यवस्था से जोड़ना और बकाया राशि की वसूली करना है। समय पर टैक्स जमा होने से नगर निकाय की वित्तीय स्थिति मजबूत होती है और विकास कार्यों के लिए उपलब्ध राशि बढ़ती है।
टैक्स जमा करने वालों को प्रोत्साहन
नगर निकाय की ओर से लगातार संपत्ति मालिकों से समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अपील की जाती है। समय पर भुगतान करने से बकाया बढ़ने और अतिरिक्त देनदारी से बचा जा सकता है।PMCH और मेदांता जैसे बड़े संस्थानों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स जमा किए जाने से अन्य संस्थानों को भी समय पर टैक्स भुगतान के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों से नियमित टैक्स वसूली नगर निकाय की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

