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पटना का पुनपुन घाट पितृ पक्ष मेले के लिए तैयार; 25 सितंबर से शुरू होगा 17 दिवसीय मेला, 40 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

पटना का पुनपुन घाट पितृ पक्ष मेले के लिए तैयार; 25 सितंबर से शुरू होगा 17 दिवसीय मेला, 40 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

पटना का पुनपुन घाट एक बार फिर पितृ पक्ष मेले के लिए सजकर तैयार है। पुनपुन नदी के तट पर 25 सितंबर से 17 दिवसीय पितृ पक्ष मेले की शुरुआत होगी। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पुनपुन घाट पर पितरों का तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा

पुनपुन घाट को पितृ पक्ष के दौरान पिंडदान और तर्पण के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। मान्यता के अनुसार, यहां श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। पितृ पक्ष के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से लोग पुनपुन पहुंचते हैं।

इस बार 17 दिनों तक चलेगा मेला

इस वर्ष पुनपुन घाट पर पितृ पक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 11 अक्टूबर तक चलेगा। यानी कुल 17 दिनों तक यहां धार्मिक गतिविधियां और श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहेगी। मेले को देखते हुए घाट और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े काम किए गए हैं।

40 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

आयोजकों और प्रशासन की ओर से इस बार करीब 40 हजार श्रद्धालुओं के पुनपुन पहुंचने का अनुमान जताया गया है। इनमें बिहार के अलावा देश के दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भी शामिल होंगे। विदेशों में रहने वाले भारतीय परिवारों के कुछ सदस्य भी पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए यहां पहुंच सकते हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा जोर

मेले में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने, भीड़ नियंत्रण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। साफ-सफाई के साथ पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।

पितृ पक्ष के दौरान बढ़ेगी चहल-पहल

25 सितंबर से मेला शुरू होने के बाद पुनपुन घाट और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ जाएगी। अलग-अलग दिनों में लोग अपने पूर्वजों के लिए धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों को भी मेले के दौरान व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।

पितृ पक्ष के धार्मिक महत्व के कारण पुनपुन में हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस बार 17 दिनों तक चलने वाले मेले में करीब 40 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है।

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