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पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव: उम्मीदवार सूची 48 घंटे देरी से जारी, चुनाव 28 फरवरी को

पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव: उम्मीदवार सूची 48 घंटे देरी से जारी, चुनाव 28 फरवरी को

बिहार के प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव का वातावरण इस बार भी राजनीतिक तनाव और प्रशासन‑छात्र गतिरोध के बीच बना हुआ है। 28 फरवरी 2026 को निर्धारित छात्रसंघ चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की सूची 48 घंटे देरी से जारी की गई है, लेकिन अंततः सभी आवश्यक शपथ पत्र और आचार संहिता के पालन के वादों के साथ चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। यह जानकारी NDTV की रिपोर्ट में सामने आई है।

उम्मीदवार सूची पर देरी

पटना विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच लंबी बातचीत के बाद आखिरकार उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की गई। यह सूची मूल रूप से शनिवार को जारी होने वाली थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसे 48 घंटे तक देरी से प्रकाशित किया गया। इस देरी के कारण छात्रों और छात्र संगठनों में चिंता व्याप्त रही, लेकिन बाद में विवादों को शांत कर आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित कर दी गई।

विधान अनुसार सभी उम्मीदवारों ने आचार संहिता का पालन करने तथा चुनाव के दौरान हिंसा से दूर रहने का शपथ पत्र भी सौंपा है, ताकिCampus में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किया जा सके।

कैंडिडेट लिस्ट और पदों की स्थिति

पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में सेंट्रल पैनल पर कुल 41 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से

  • अध्यक्ष पद के लिए 11 उम्मीदवार

  • उपाध्यक्ष के लिए 8

  • महासचिव के लिए 9

  • संयुक्त सचिव के लिए 6

  • कोषाध्यक्ष के लिए 7 उम्मीदवार हैं।

इस चुनाव में हजारों विद्यार्थी भाग लेंगे, और मतदान वहीं की परंपरा के अनुरूप 28 फरवरी को सुबह से दोपहर तक किया जाएगा।

छात्र आंदोलन और प्रशासन का रुख

इस चुनाव से पहले कैंपस में विभिन्न घटनाओं और वाद‑विवाद की खबरें भी आई थीं। कुछ समय पहले विश्वविद्यालय के साइंस कॉलेज में छात्र समूह और एक शिक्षक के बीच मारपीट जैसी घटनाओं की भी सूचना मिली थी, जिसने प्रशासन को चुनाव स्थगित करने तक के निर्णय तक पहुंचा दिया था। छात्रों के तीव्र विरोध के बाद प्रशासन को अपना फैसला बदलना पड़ा और वह छात्रसंघ चुनाव समाप्ति की दिशा में सौहार्दपूर्ण कदम उठाने पर तैयार हुआ।

छात्रों ने प्रशासनिक भवन के बाहर प्रचंड विरोध प्रदर्शन के बाद अपना रुख स्पष्ट किया और शिक्षक संघ के दबाव के चलते दिए आदेशों को वापस लिया गया, जिससे छात्रों का दबाव प्रशासन पर असरदार रहा।

चुनाव का महत्त्व और मतदान प्रक्रिया

पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को छात्र‑लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। यह चुनाव न केवल छात्रों को प्रतिनिधित्व देता है, बल्कि नए युवा नेताओं को भी नेतृत्व और संगठन के गुण सीखने की कोचिंग प्रदान करता है। इस बार भी चुनाव में बीस हजार से अधिक विद्यार्थी वोट करेंगे, जिसे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से कराने का प्रशासन ने भरोसा दिया है।

पिछले चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी और पहली बार महिला अध्यक्ष भी बनी थी। इस बार भी ABVP सहित अन्य छात्र संगठन जैसे राजद छात्र संगठन, NSUI आदि विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं, जिससे चुनाव रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक बन गया है।

आगे की चुनौतियाँ

हालाँकि उम्मीदवारों ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया और कैंपस में कुछ तनावपूर्ण स्थितियों के संकेत भी देखे जा रहे हैं — जैसे कि कुछ प्रत्याशियों के ऊपर अभद्र और धमकी भरे पोस्ट का आरोप, जिससे सुरक्षा और चुनाव आचार संहिता के पालन को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके लिए साइबर पुलिस द्वारा जांच की भी बात कही जा रही है।

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