स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में पटना ने लगाई छलांग, 48 शहरों में मिला 16वां स्थान
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में बिहार की राजधानी पटना ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बड़ी छलांग लगाई है। देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों में पटना को 16वां स्थान मिला है। पिछले साल की तुलना में पटना की रैंकिंग में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। सर्वेक्षण में पटना को कुल 178 अंक मिले हैं। वहीं, पिछले वर्ष पटना 164.5 अंकों के साथ 27वें स्थान पर था। इस बार बेहतर प्रदर्शन के चलते शहर की रैंकिंग में 11 स्थानों का सुधार हुआ है।
37 मानकों पर किया गया मूल्यांकन
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों का मूल्यांकन वायु गुणवत्ता सुधार से जुड़े कुल 37 अलग-अलग मापदंडों के आधार पर किया गया। इसमें प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, कचरा प्रबंधन, निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम, हरित क्षेत्र बढ़ाने और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए प्रयासों को शामिल किया गया।पटना ने इन मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी स्थिति मजबूत की है।
पिछले साल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन
पिछले कुछ वर्षों से पटना वायु प्रदूषण की समस्या से जूझता रहा है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक, निर्माण कार्य और धूल प्रदूषण को बड़ी चुनौती माना जाता रहा है।हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों के कारण इस बार रैंकिंग में सुधार देखने को मिला है।
शहर की हवा सुधारने की दिशा में प्रयास
पटना में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसमें सड़क की सफाई, धूल नियंत्रण, पौधरोपण, प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर निगरानी और जागरूकता अभियान जैसे कदम शामिल हैं।सर्वेक्षण में बेहतर रैंक मिलने के बाद प्रशासन ने इसे शहर के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।
आगे भी सुधार की चुनौती
हालांकि, रैंकिंग में सुधार के बावजूद पटना के सामने वायु प्रदूषण को पूरी तरह नियंत्रित करने की चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बेहतर हवा के लिए लगातार निगरानी और प्रभावी योजनाओं को लागू करना जरूरी होगा।स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में पटना की बेहतर रैंकिंग शहर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

