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पटना डीएम ने डीआरसीसी योजनाओं की समीक्षा की: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में 1,199 करोड़ स्वीकृत, 96 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

पटना डीएम ने डीआरसीसी योजनाओं की समीक्षा की: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में 1,199 करोड़ स्वीकृत, 96 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाओं की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना और कुशल युवा कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। डीएम ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पटना जिले में अब तक 1,199 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इस योजना के अंतर्गत कुल 35,277 छात्रों को क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। यह योजना उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है, जिससे आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को राहत मिली है।

डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि यह योजना राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र छात्रों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखें और बैंक समन्वय के माध्यम से ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को और तेज किया जाए।

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बेरोजगार युवाओं को वितरित की जा चुकी है। यह भत्ता उन युवाओं को दिया जाता है जो रोजगार की तलाश में हैं और स्किल डेवलपमेंट या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि यह योजना युवाओं को आर्थिक संबल देने के साथ-साथ उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है।

वहीं, कुशल युवा कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि पटना जिले में अब तक 96,901 युवाओं ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया है। इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को कंप्यूटर, संचार कौशल और व्यवहारिक दक्षताओं का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होती है।

डीएम ने कहा कि कुशल युवा कार्यक्रम युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने और अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र लाभार्थी को केवल प्रशासनिक देरी के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

डीएम ने यह भी कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा आवश्यक है, ताकि जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके। उन्होंने डीआरसीसी के अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

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