पटना की बसों में नहीं लगा नया किराया चार्ट, यात्रियों से मनमाना किराया वसूली का आरोप
शहर की सरकारी और निजी सिटी बसों में नया किराया चार्ट नहीं लगाए जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। आरोप है कि इसका फायदा उठाकर कई बस कंडक्टर यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। परिवहन विभाग की ओर से पिछले महीने बस किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद भी अब तक अधिकांश बसों में संशोधित किराया सूची प्रदर्शित नहीं की गई है।
किराया बढ़ा, लेकिन जानकारी नहीं मिली
बस किराए में बदलाव के बाद यात्रियों को उम्मीद थी कि सभी बसों में नया किराया चार्ट लगाया जाएगा, ताकि उन्हें सही किराए की जानकारी मिल सके। लेकिन कई सरकारी और निजी सिटी बसों में अब तक पुरानी किराया सूची ही लगी है या फिर कोई चार्ट मौजूद नहीं है। इस कारण यात्रियों और कंडक्टरों के बीच अक्सर किराए को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है।
यात्रियों ने लगाया मनमानी वसूली का आरोप
यात्रियों का कहना है कि किराया चार्ट नहीं होने के कारण उन्हें यह पता नहीं चल पाता कि किसी रूट का निर्धारित किराया कितना है। ऐसे में कुछ कंडक्टर अपनी मर्जी से अधिक पैसे मांग लेते हैं।यात्रियों ने परिवहन विभाग से सभी बसों में जल्द से जल्द नया किराया चार्ट लगाने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
परिवहन विभाग ने किराया बढ़ाने का आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन बसों में नई दरों की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने की व्यवस्था अब तक प्रभावी नहीं दिख रही है। इससे विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।यात्रियों का कहना है कि किराया बढ़ोतरी के साथ पारदर्शिता भी जरूरी है, ताकि आम लोगों को सही जानकारी मिले और किसी तरह की अतिरिक्त वसूली पर रोक लग सके।

