रातोंरात घर में घुसा गंगा का पानी, सड़क किनारे तंबू बना आशियाना: 20-30 परिवार डेढ़ महीने तक यहीं गुजारेंगे जिंदगी
वाराणसी और आसपास के गंगा किनारे इलाकों में बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगा का पानी धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगा है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। ऐसे ही एक परिवार ने बताया कि रात में पूरा परिवार घर में सो रहा था, लेकिन अचानक आंख खुली तो घर के अंदर गंगा का पानी पहुंच चुका था।
पीड़ित परिवार के अनुसार, रात में जब वह सोकर उठा तो घर में पानी भरा हुआ था। हालात को देखते हुए परिवार के सभी सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए। सामान को सुरक्षित रखने की कोशिश की गई, लेकिन पानी लगातार बढ़ता जा रहा था। इसके बाद परिवार ने सड़क किनारे तंबू लगाकर रहने का फैसला किया।
अब यही तंबू परिवार के लिए नया आश्रय बन गया है। पीड़ितों का कहना है कि उनके साथ करीब 20 से 30 परिवार सड़क किनारे तंबू लगाकर रह रहे हैं। उनका अनुमान है कि गंगा का पानी उतरने तक उन्हें करीब डेढ़ महीने इसी तरह गुजारा करना पड़ सकता है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कई निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने घर खाली करने की स्थिति बन गई है। जिन लोगों के घरों में पानी पहुंच गया है, वे जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। कई परिवार सड़क किनारे या ऊंचे स्थानों पर अस्थायी तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे गंगा का पानी बढ़ता गया और देखते ही देखते घरों में घुस गया। अब उनके सामने रहने, खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ खुले में या अस्थायी तंबुओं में रहना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी बढ़ने के साथ ही घरों और आसपास के रास्तों में आवाजाही भी प्रभावित हुई है। लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई परिवार अपने जरूरी सामान को ऊंचे स्थानों पर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव की तैयारियां भी की जा रही हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश जारी है।
गंगा का जलस्तर कब तक कम होगा, यह आने वाले दिनों के मौसम और नदी के बहाव पर निर्भर करेगा। फिलहाल सड़क किनारे लगे तंबू इन परिवारों के लिए घर का विकल्प बन गए हैं और वे पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।

