परिवार और आरजेडी पार्टी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. तेज प्रताप यादव ने कहा कि अब वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और लोगों के बीच जाएंगे. लोग अब उन्हें न्याय दिलाएंगे. पार्टी से निकाले जाने को लेकर तेज प्रताप ने कहा कि राज्य की जनता ने देखा है कि किस तरह पार्टी के चार-पांच लोगों की साजिश के चलते उन्हें आरजेडी से निकाला गया है.
'दबेंगे नहीं तेज प्रताप'
तेज प्रताप यादव ने कहा कि बिहार की जनता जानती है कि मेरा स्वभाव कैसा है. मैं सबके साथ घुल-मिल जाता हूं. इसका फायदा उठाकर पार्टी में बैठे 4-5 लोग सोचते हैं कि अगर मैं अकेला रहूंगा तो वे मुझे दबा देंगे. तेज प्रताप दबेंगे नहीं.
जनता मेरे साथ न्याय करेगी
लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप ने कहा कि अब वह लोगों के बीच जाएंगे और जनता मेरे साथ न्याय करेगी. 4-5 लोग बैठे हैं, मैं उनका नाम नहीं लूंगा, इन पापी लोगों का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह कोर्ट का सहारा लेंगे और अपनी निजी जिंदगी में दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
जान को खतरा
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं। मैं सरकार से अपील करता हूं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। हमारे दुश्मन हर जगह हैं। मेरी जान को खतरा है।
लालू के बारे में तेजस्वी ने क्या कहा
लालू प्रसाद यादव के बारे में तेजस्वी यादव ने कहा, "पिताजी को मेरी शुभकामनाएं। वे मेरी तरह लंबे समय तक जिएं। उनका भविष्य उज्ज्वल हो। तेजस्वी जी आगे बढ़ें, बिहार के मुख्यमंत्री बनें, यही मेरा आशीर्वाद है।"
तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से निकाला गया
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से छह साल के लिए निकाल दिया। इसकी वजह तेज प्रताप द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाना बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने अनुष्का यादव के साथ अपने 12 साल पुराने रिश्ते का जिक्र किया था। लालू ने कहा कि तेजप्रताप का व्यवहार "पारिवारिक मूल्यों और रीति-रिवाजों के अनुरूप नहीं है" और यह सामाजिक न्याय के लिए पार्टी के संघर्ष को कमजोर करता है।

