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भाई वीरेंद्र ने आर्सेनिक से प्रदूषित पानी पर उठाया सवाल, नीतीश कुमार के साथ हुई हल्की नोकझोंक

भाई वीरेंद्र ने आर्सेनिक से प्रदूषित पानी पर उठाया सवाल, नीतीश कुमार के साथ हुई हल्की नोकझोंक

बिहार विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के बीच हल्की नोकझोंक देखने को मिली। यह सत्र राज्य के जल प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर केंद्रित रहा।

सूत्रों के अनुसार, भाई वीरेंद्र ने सदन में बिहटा और मनेर के कई पंचायतों में पानी में आर्सेनिक की अधिक मात्रा होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में लोग पीने के पानी से गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर और त्वचा रोगों का शिकार हो रहे हैं।

आरजेडी विधायक ने यह भी जोर दिया कि राज्य सरकार इस गंभीर समस्या पर तुरंत कार्रवाई करे और पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने सदन में कहा कि जनता के स्वास्थ्य के लिए यह मुद्दा जीवन-मरण का प्रश्न बन गया है।

इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हल्की नोकझोंक करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच यह बहस सदन में हल्के मजाक और चर्चा के साथ आगे बढ़ी, लेकिन मुद्दे की गंभीरता पर जोर बना रहा।

विधायक भाई वीरेंद्र ने सदन में कहा कि पंचायतों में पानी की नियमित जांच नहीं हो रही है और स्थानीय लोगों को इस प्रदूषित पानी के सेवन से हो रहे स्वास्थ्य संबंधी खतरे के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए साफ पानी की आपूर्ति और उपचार योजनाओं की व्यवस्था की जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार के कई इलाकों में जल प्रदूषण और आर्सेनिक का स्तर बढ़ना गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर इशारा करता है। उन्होंने अपील की कि राज्य सरकार जल परीक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाए, ग्रामीण और शहरी इलाकों में सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए और प्रभावित इलाकों में जनजागरूकता अभियान चलाए।

सत्र के दौरान यह मुद्दा विपक्ष और सरकार के बीच सक्रिय बहस का केंद्र बन गया। विपक्ष ने इसे सरकारी लापरवाही का प्रमाण बताते हुए निगरानी और जिम्मेदारी की मांग की, वहीं सरकार ने कहा कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और प्रभावित इलाकों में जल परीक्षण और सुधार कार्य जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहटा और मनेर के कई पंचायतों में पीने के पानी में आर्सेनिक की मात्रा लंबे समय से खतरे के स्तर से अधिक है। उनका कहना है कि सरकार को इस दिशा में तत्काल और स्थायी समाधान लाने की आवश्यकता है।

इस प्रकार, बिहार विधानसभा में गुरुवार को पानी में आर्सेनिक और जन स्वास्थ्य के मुद्दे पर हुई चर्चा ने यह स्पष्ट किया कि यह विषय राज्य के लिए गंभीर प्राथमिकता वाला मामला है। विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार से सख्त कार्रवाई और प्रभावी निगरानी की मांग की, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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