NEET छात्रा मौत केस: CBI को नहीं मिला ठोस सबूत, क्लोजर रिपोर्ट दाखिल; 8 महीने चली जांच, 30 लोगों का DNA टेस्ट
NEET छात्रा की मौत से जुड़े मामले में CBI ने करीब आठ महीने की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी को मामले में ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला, जिसके आधार पर आगे आपराधिक कार्रवाई की जा सके। जांच के दौरान करीब 30 लोगों के DNA सैंपल की जांच कराई गई, लेकिन कोई निर्णायक सुराग सामने नहीं आया।
आठ महीने तक चली जांच
मामले की जांच CBI ने अपने हाथ में लेने के बाद कई स्तरों पर पड़ताल की। एजेंसी ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों के साथ संदिग्धों और मामले से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई।जांच के दौरान अलग-अलग पहलुओं को खंगाला गया। करीब आठ महीने तक चली जांच के बाद भी CBI को ऐसा साक्ष्य नहीं मिला, जिससे मामले में किसी आरोपी की भूमिका साबित हो सके।
30 लोगों का कराया DNA टेस्ट
जांच के दौरान CBI ने करीब 30 लोगों के DNA सैंपल लिए। इन सैंपलों को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ मिलान कराया गया। एजेंसी ने संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी सहारा लिया।हालांकि, DNA जांच से भी ऐसा कोई निर्णायक सुराग नहीं मिला, जिससे मामले को किसी आरोपी तक पहुंचाया जा सके।
CBI ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट
जांच में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के बाद CBI ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। क्लोजर रिपोर्ट के जरिए जांच एजेंसी ने अदालत को बताया है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिला।हालांकि, क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अंतिम फैसला अदालत को करना है।
13 अक्टूबर को होगी बहस
मामले में 13 अक्टूबर को अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पर बहस होगी। इस दौरान जांच एजेंसी की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों पर पक्ष रखा जाएगा। इसके बाद अदालत तय करेगी कि क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या मामले में आगे जांच की जरूरत है। फिलहाल करीब आठ महीने की CBI जांच के बाद भी NEET छात्रा की मौत से जुड़े मामले में कोई निर्णायक सुराग सामने नहीं आया है। 13 अक्टूबर की सुनवाई के बाद मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।

