नीट-2024 पेपर लीक मामले में क्लीनचिट के बाद संजीव मुखिया की बढ़ीं मुश्किलें, पुराने केस में जांच तेज
NEET-2024 पेपर लीक मामले में CBI से क्लीनचिट पा चुके परीक्षा माफिया संजीव मुखिया उर्फ लुटन मुखिया की मुश्किलें एक पुराने मामले में फिर बढ़ गई हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने वर्ष 2017 के नीट पेपर लीक मामले को लेकर जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में संजीव मुखिया से पूछताछ की गई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने की कोशिश से जुड़े मामले में संजीव मुखिया और उसके बेटे डॉ. शिव समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। यह मामला पटना के पत्रकारनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। अब ईओयू इस पुराने मामले में नए सिरे से जांच कर रही है।जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि वर्ष 2017 में पेपर लीक की कथित साजिश कैसे रची गई थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क, संपर्कों और अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि नीट-2024 पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया को सीबीआई ने क्लीनचिट दे दी थी। जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के बाद उसे उस मामले में राहत मिली थी। हालांकि, अब पुराने केस की जांच दोबारा सक्रिय होने से उसकी परेशानी बढ़ गई है।सूत्रों के मुताबिक, ईओयू पुराने मामले से जुड़े दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नीट जैसी प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक के मामले लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां परीक्षा माफिया के नेटवर्क को खत्म करने और दोषियों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई करती रही हैं।फिलहाल ईओयू की जांच जारी है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पुराने मामले में संजीव मुखिया की क्या भूमिका थी।

