भागलपुर में राष्ट्रवाद संगोष्ठी, पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने युवाओं से सत्य और राष्ट्रभक्ति को जीवन का आधार बनाने का आह्वान
Bhagalpur में आयोजित एक राष्ट्रवाद संगोष्ठी में वक्ताओं ने युवाओं से सत्य, संस्कार और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का मूल आधार बनाने की अपील की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में Pushpendra Kulshrestha ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के विचारों और उनके आचरण पर निर्भर करता है।
संगोष्ठी के दौरान कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आज के समय में युवाओं को जाति और धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में सोचना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समाज में एकता और समरसता बनाए रखने के लिए इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझना बेहद जरूरी है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि युवा पीढ़ी अपने मूल्यों और परंपराओं से जुड़ी रहेगी तो देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि आज के समय में जागरूक और जिम्मेदार युवा ही देश को नई दिशा दे सकते हैं। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद जारी रहेगा।
यह कार्यक्रम Bhagalpur में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

