LNMU में 13 जुलाई को राष्ट्रीय सेमिनार, योग के माध्यम से आरोग्य और आनंद पर होगा मंथन
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU), दरभंगा में आगामी 13 जुलाई को "योग के माध्यम से आरोग्य और आनन्द : भारतीय ज्ञान-परंपरा की अंतर्निहित प्रज्ञा" विषय पर एक दिवसीय निःशुल्क राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में योग, स्वास्थ्य और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, सेमिनार का उद्देश्य योग के वैज्ञानिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व को समझना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित जीवन शैली और स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोण पर चर्चा करना है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षाविद, शोधकर्ता और योग विशेषज्ञ शामिल होंगे।
सेमिनार में वक्ताओं द्वारा योग को केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित न मानते हुए इसके व्यापक स्वरूप पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि किस प्रकार योग मानसिक संतुलन, शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
आयोजकों ने बताया कि भारतीय संस्कृति में योग का स्थान प्राचीन काल से ही महत्वपूर्ण रहा है। योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की परंपरा रही है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और योग में रुचि रखने वाले लोग भाग ले सकेंगे। आयोजकों ने बताया कि सेमिनार में भाग लेने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ती है।
सेमिनार के दौरान योग के इतिहास, वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता, स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और भारतीय दर्शन में इसके महत्व जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों के व्याख्यान के साथ विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित यह राष्ट्रीय सेमिनार स्वास्थ्य और ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर संवाद का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर इसका लाभ उठाने की अपील की है।

