'मेरा भाई बेकसूर है, उसका करियर बर्बाद हो जाएगा', गिरफ्तारी पर परिवार का छलका दर्द
बिहार बंद हिंसा मामले में गिरफ्तार किए गए युवकों के परिजनों की चिंता लगातार सामने आ रही है। इसी बीच एक गिरफ्तार युवक के परिवार ने दावा किया है कि उनका भाई निर्दोष है और वह प्रदर्शन में जानबूझकर शामिल नहीं हुआ था। परिवार का कहना है कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से उसका भविष्य और करियर खतरे में पड़ सकता है।
'वह पहले कभी किसी प्रदर्शन में नहीं गया'
गिरफ्तार युवक के भाई ने कहा, "मेरे भाई का कोई ऐसा बैकग्राउंड नहीं है कि वह पहले कभी किसी प्रदर्शन में शामिल हुआ हो। वह बेकसूर है। संभव है कि प्रदर्शन के दौरान वह वहां फंस गया हो। बाइक गिर गई होगी और जब वह वहां से भागने की कोशिश कर रहा होगा, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।"
परिजन का कहना है कि युवक का किसी तरह की हिंसा या उपद्रव से कोई संबंध नहीं है।
'एफआईआर से करियर पर पड़ेगा असर'
परिवार ने चिंता जताते हुए कहा कि युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से उसके भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि वह अपने करियर को बनाने की कोशिश कर रहा था और इस मामले में नाम आने से उसे आगे नौकरी या अन्य अवसरों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जा रही है। मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि किसकी क्या भूमिका थी।
यदि कोई व्यक्ति निर्दोष पाया जाता है, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया उसी के अनुरूप होगी। वहीं, जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामला बना चर्चा का विषय
बिहार बंद हिंसा के बाद हुई गिरफ्तारियों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा जारी है। एक ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ गिरफ्तार लोगों के परिजन उनके निर्दोष होने का दावा कर रहे हैं।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजर जांच के निष्कर्ष तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

