पटना में 1600 से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर का सर्वर से संपर्क टूटा, उपभोक्ता परेशान; 16 हजार नए कनेक्शन भी अटके
बिहार की राजधानी पटना में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्या ने हजारों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में 1600 से अधिक स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर का संपर्क सर्वर से टूट गया है। इन मीटरों के नॉन कम्युनिकेशन की स्थिति में जाने के कारण उपभोक्ताओं को बिजली खपत और बैलेंस से जुड़ी जानकारी मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर का सर्वर से संपर्क टूटने के कारण बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा पटना में 16 हजार से अधिक नए बिजली कनेक्शन का मामला भी अटका हुआ है। इससे नए कनेक्शन लेने की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को परेशानी हो रही है।
1600 से अधिक मीटर हुए नॉन कम्युनिकेशन
जानकारी के अनुसार, पटना में 1600 से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर सर्वर से संपर्क स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। तकनीकी भाषा में इसे नॉन कम्युनिकेशन की स्थिति कहा जाता है। सामान्य तौर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिजली की खपत और उपलब्ध बैलेंस से संबंधित जानकारी सर्वर तक भेजते हैं। सर्वर से कनेक्टिविटी बाधित होने पर यह प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग और मीटर की मौजूदा स्थिति की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। इससे यह समझना भी मुश्किल हो सकता है कि मीटर में कितना बैलेंस बचा है और बिजली की खपत कितनी हो रही है।
उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
स्मार्ट प्रीपेड मीटर का उद्देश्य बिजली खपत और भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाना है। लेकिन मीटर के सर्वर से संपर्क टूटने पर उपभोक्ताओं को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नॉन कम्युनिकेशन की समस्या के कारण मीटर से जुड़ी जानकारी अपडेट नहीं हो पा रही है।
उपभोक्ताओं के लिए यह परेशानी इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि प्रीपेड व्यवस्था में बैलेंस और बिजली खपत की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। सर्वर से कनेक्टिविटी बाधित होने पर उपभोक्ताओं को मीटर की स्थिति समझने में दिक्कत हो सकती है।
16 हजार से अधिक नए कनेक्शन का मामला भी अटका
पटना में केवल पुराने स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही समस्या का सामना नहीं कर रहे हैं, बल्कि नए बिजली कनेक्शन का मामला भी लंबित है। जानकारी के मुताबिक, 16 हजार से अधिक नए कनेक्शन अटके हुए हैं। इससे नए मकान, दुकान और अन्य परिसरों में बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
नए कनेक्शन के इंतजार में बैठे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इन कनेक्शनों के लंबित रहने की वजह और इन्हें जारी करने की संभावित समयसीमा को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
तकनीकी समस्या दूर होने का इंतजार
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के सर्वर से संपर्क टूटने और नए कनेक्शन लंबित रहने का मामला बिजली व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि नॉन कम्युनिकेशन की समस्या जल्द दूर होगी और नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
फिलहाल 1600 से अधिक मीटर की कनेक्टिविटी बाधित होने और 16 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन अटकने से पटना के बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है।

