बिहार में मानसून की रफ्तार धीमी, 27 दिनों में 56% कम बारिश; कई जिलों में सूखे जैसे हालात
बिहार में मानसून की एंट्री समय पर होने के बावजूद बारिश की रफ्तार कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मानसून आने के 27 दिनों बाद भी राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और कई इलाकों में खेती-किसानी प्रभावित होने लगी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में 11 जून 2026 को मानसून ने दस्तक दी थी। इसके बाद उम्मीद थी कि पूरे राज्य में अच्छी बारिश होगी, लेकिन मानसून की सक्रियता कमजोर रहने के कारण बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी पीछे चल रहा है। 1 जून 2026 से 6 जुलाई 2026 तक बिहार में कुल 102.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 230.1 मिलीमीटर होना चाहिए था। यानी राज्य में अब तक करीब 56 फीसदी कम बारिश हुई है।
किसानों की बढ़ी चिंता
कम बारिश का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ रहा है। बिहार में धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई किसान खेतों की तैयारी और रोपाई के लिए परेशान हैं। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा सीमित है, वहां किसानों को बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि मानसून के शुरुआती दौर में अच्छी बारिश होने से धान की खेती को गति मिलती है, लेकिन इस बार बारिश की कमी के कारण खेतों में नमी नहीं बन पा रही है। अगर आने वाले दिनों में भी मानसून कमजोर रहा तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने जताई आगे बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम के प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल राज्य में बारिश की कमी बनी हुई है।
मौसम विभाग लगातार जिलों के हालात पर नजर बनाए हुए है। विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर ध्यान देने की अपील की है। वहीं, किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ही खेती से जुड़े फैसले लें।
कई इलाकों में बारिश का इंतजार
बिहार के कई जिलों में मानसून की कमजोर स्थिति के कारण सामान्य जनजीवन पर भी असर देखने को मिल रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई महीने में होने वाली बारिश बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। अगर अगले कुछ हफ्तों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। लेकिन लगातार सूखे जैसे हालात बने रहे तो कृषि क्षेत्र को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल बिहार में मानसून सक्रिय होने का इंतजार जारी है। राज्य के किसान और आम लोग अब आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।

