Samachar Nama
×

बिहार में अब मौके पर होगी दूध, तेल और मसालों की जांच, मिलावट रोकने के लिए उतारी जाएंगी 5 मोबाइल फूड लैब

बिहार में अब मौके पर होगी दूध, तेल और मसालों की जांच, मिलावट रोकने के लिए उतारी जाएंगी 5 मोबाइल फूड लैब

बिहार में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब बाजारों और गांवों में बिकने वाले दूध, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्रियों की जांच मौके पर ही की जा सकेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 5 मोबाइल फूड लैब तैनात करने का फैसला लिया है।

ये मोबाइल लैब सीधे बाजारों, दुकानों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेंगी और वहां मौजूद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करेंगी। जांच के दौरान अगर किसी खाद्य सामग्री में मिलावट या गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

चार प्रमंडलों से शुरू होगी व्यवस्था

सरकार की इस नई व्यवस्था की शुरुआत राज्य के तिरहुत समेत चार प्रमंडलों में की जा रही है। मोबाइल फूड लैब के जरिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर सैंपल लेंगी और उनकी जांच करेंगी।

इस पहल का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां कई बार मिलावट की शिकायतें सामने आती हैं, वहां यह व्यवस्था काफी मददगार साबित हो सकती है।

मौके पर मिलेगी जांच रिपोर्ट

अभी तक खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे जाते थे, जिसमें रिपोर्ट आने में समय लग जाता था। इस वजह से कार्रवाई की प्रक्रिया भी लंबी हो जाती थी।

मोबाइल फूड लैब शुरू होने के बाद जांच प्रक्रिया तेज होगी। अधिकारियों को मौके पर ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जानकारी मिल सकेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जा सकेंगे।

दूध, तेल और मसालों पर खास नजर

खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर खासतौर पर उन चीजों पर रहेगी, जिनमें मिलावट की शिकायतें ज्यादा आती हैं। इनमें दूध, खाने का तेल, मसाले, मिठाइयां और अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार की यह पहल आम लोगों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।

मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा

मोबाइल फूड लैब के जरिए खाद्य सुरक्षा विभाग को कार्रवाई करने में आसानी होगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों और कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस कदम से मिलावटखोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

बिहार में शुरू होने जा रही यह मोबाइल जांच व्यवस्था खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य इलाकों तक भी विस्तार देने की योजना बनाई

Share this story

Tags