गयाजी में मनसरवा नाले के विस्तार और पक्कीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। जिला पदाधिकारी ने नाले के कच्चे हिस्सों को पक्का करने और नाले के आसपास फैले अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए।
बैठक में चर्चा की गई कि नाले का कच्चा हिस्सा बरसात के समय अक्सर उफान मारता है और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव का कारण बनता है। इसके चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने नाले के पक्कीकरण का निर्णय लिया है।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिए कि नाले के पक्कीकरण का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए और इसके लिए आवश्यक संकल्प और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि नाले के आसपास फैले अतिक्रमण को हटाना भी जरूरी है, ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो और नाले का विस्तार सुचारू रूप से किया जा सके।
स्थानीय अधिकारियों ने बैठक में बताया कि नाले के पक्कीकरण और अतिक्रमण हटाने के काम से न केवल जलभराव की समस्या कम होगी, बल्कि सफाई और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि नाले के नजदीकी क्षेत्रों में सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग नाले में कचरा फेंकने और अतिक्रमण करने से बचें। साथ ही, पक्कीकरण कार्य के दौरान स्थानीय मजदूरों और श्रमिकों को रोजगार देने पर भी विचार किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि नाले का पक्कीकरण और अतिक्रमण हटाना केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि यह जल संसाधनों के संरक्षण और आपदा प्रबंधन का भी महत्वपूर्ण कदम है। बरसात के समय नाले में जलभराव और कटाव से भारी नुकसान हो सकता है, जिसे समय रहते रोकना आवश्यक है।
स्थानीय लोग भी इस बैठक और नाले के पक्कीकरण के निर्णय से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से नाले के कच्चे हिस्सों और अतिक्रमण के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। प्रशासन की यह पहल उनके लिए राहत की खबर है।
जिला प्रशासन ने बताया कि नाले के पक्कीकरण और अतिक्रमण हटाने का कार्य नियमित निगरानी और समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों का समन्वय भी सुनिश्चित किया जाएगा।
इस प्रकार, गयाजी में मनसरवा नाले के पक्कीकरण और अतिक्रमण हटाने की बैठक ने जलभराव और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने का मार्ग प्रशस्त किया है। स्थानीय प्रशासन की यह पहल क्षेत्रवासियों के लिए राहत और विकास की उम्मीद लेकर आई है।

