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KGMU में मजारों को फिलहाल नहीं हटाया जाएगा, प्रशासन का 28 फरवरी का फैसला स्थगित

KGMU में मजारों को फिलहाल नहीं हटाया जाएगा, प्रशासन का 28 फरवरी का फैसला स्थगित

राजधानी लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में बनी मजारों को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इन मजारों को हटाने का निर्णय नहीं लिया गया है। यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मजारों को हटाने के लिए 28 फरवरी तक का समय तय किया था।

यूनिवर्सिटी के सूत्रों के अनुसार, मजारों को हटाने का मुद्दा कई सालों से विवादित रहा है। प्रशासन ने इसे सुरक्षा और परिसर की व्यवस्था के लिहाज से हटाने का निर्णय लिया था, लेकिन सामाजिक, धार्मिक और छात्रों की प्रतिक्रिया को देखते हुए अब इसे अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।

मजारों को हटाने का फैसला पहले इसलिए लिया गया था क्योंकि परिसर में स्थानीय छात्रों और अधिकारियों के अनुसार यह जगह व्यवस्था और साफ-सफाई में बाधा डाल रही थी। इसके अलावा, परिसर में निर्माण और विस्तार कार्यों के दौरान मजारों के स्थान का विशेष महत्व था।

हालांकि, प्रशासन ने कहा कि फिलहाल मजारों को हटाना उचित नहीं माना गया क्योंकि यह कदम सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं को प्रभावित कर सकता है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने छात्रों, स्थानीय समुदाय और धार्मिक प्रतिनिधियों के साथ परामर्श और विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि विश्वविद्यालयों और बड़े संस्थानों में ऐसी संवेदनशील स्थलाओं को हटाने या पुनर्व्यवस्थित करने के निर्णय में सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है। बिना पर्याप्त परामर्श, ऐसे कदम सामाजिक तनाव और विरोध को जन्म दे सकते हैं।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मजारों के अस्थायी रूप से न हटाने का निर्णय यह संकेत देता है कि आगे भी इस विषय पर समीक्षा और विचार-विमर्श जारी रहेगा। भविष्य में यदि परिसर की जरूरतें या प्रशासनिक पहलुओं के आधार पर मजारों के स्थान में बदलाव किया जाता है, तो संबंधित समुदाय को समय रहते सूचित किया जाएगा।

विद्यार्थियों और शिक्षकों का कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में मजारों का अस्तित्व धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने प्रशासन की इस जिम्मेदाराना भूमिका की सराहना की।

कुल मिलाकर, KGMU में मजारों को हटाने का निर्णय फिलहाल स्थगित किया गया है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि परिसर में सामाजिक संतुलन और शांति बनी रहे और सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया जाए।

इस फैसले के बाद छात्रों और स्थानीय लोगों में राहत का माहौल है। यूनिवर्सिटी के अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और भविष्य में किसी भी बदलाव को सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से लागू करने का आश्वासन दिया है।

इस तरह, लखनऊ के KGMU परिसर में मजारों को हटाने का विवाद फिलहाल स्थगित है, और प्रशासन ने इसे सावधानी, संवेदनशीलता और सामाजिक संतुलन के दृष्टिकोण से लिया गया निर्णय बताया है।

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